कूनो से बाहर चीतों का नया प्लान: 10 साल के लिए 'लैंडस्केप मैनेजमेंट', वन अफसर ले रहे स्पेशल ट्रेनिंग
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण और देहरादून के वन विशेषज्ञ ग्वालियर-चंबल संभाग के वन अधिकारियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। इसका उद्देश्य चीतों की निगरान...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 05 Oct 2026 07:43:50 PM (IST)Updated Date: Mon, 05 Oct 2026 07:44:21 PM (IST)
HighLights
- कूनो की तर्ज पर ट्रेंड होंगे ग्वालियर-चंबल के अफसर
- अक्टूबर के अंत से शुरू होगा सैंपल जोन डेटा कलेक्शन
- 10 साल की योजना से चीतों की ट्रैकिंग होगी आसान
वरुण शर्मा, नईदुनिया. ग्वालियर। कूनो नेशनल पार्क में चीतों की बढ़ती संख्या और उनके दूसरे इलाकों में विचरण को देखते हुए अब उनकी निगरानी और प्रबंधन का दायरा बढ़ाया जा रहा है। इसके लिए चीता लैंडस्केप मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जा रहा है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) और देहरादून के वन विशेषज्ञ ग्वालियर-चंबल संभाग के वन अधिकारियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। इसका उद्देश्य चीतों की निगरानी, उनके अनुकूल आवास की पहचान और दूसरे जिलों में पहुंचने पर उनके प्रबंधन की व्यवस्था विकसित करना है। योजना के तहत पांच गुणे पांच वर्ग किलोमीटर के सैंपल जोन बनाए जाएंगे।
यह प्रक्रिया अक्टूबर माह के अंतिम सप्ताह से हो जाएगी शुरू
इनमें पेड़-पौधों, घास, मवेशियों, शाकाहारी और मांसाहारी वन्यजीवों के साथ पक्षियों की मौजूदगी तक का रिकार्ड तैयार किया जाएगा। इस जानकारी के आधार पर संबंधित क्षेत्रों की जैव विविधता और चीतों के लिए उनकी अनुकूलता का आकलन किया जा सकेगा। इससे चीतों की आवाजाही वाले इलाकों में वन विभाग को प्रबंधन संबंधी निर्णय लेने में मदद मिलेगी। यह प्रक्रिया अक्टूबर माह के अंतिम सप्ताह से शुरू हो जाएगी। फिलहाल यह प्लान आगामी दस साल के लिए तैयार किया जा रहा है।
बता दें कि कूनो नेशनल पार्क से चीतों के बाहर निकलने का सिलसिला नया नहीं हैं, पड़ोसी जिले ही नहीं दूसरे राज्य तक में चीते विचरण करके वापस आ चुके हैं। वर्तमान स्थिति में चीतों की ट्रैकिंग कूनो नेशनल पार्क प्रबंधन की ओर से की जाती है। चीतों के लिए बनाए जा रहे नए प्लान की पूरी प्रक्रिया में लगभग दो महीने लगने का अनुमान है। ग्वालियर जिले के वन अधिकारियों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। अब इस व्यवस्था के जरिए संभाग के अन्य वन क्षेत्रों में भी चीतों की मौजूदगी और उनके प्रबंधन को लेकर तैयारी मजबूत की जाएगी।
कूनो की टीम की तरह ट्रेंड होंगे अधिकारी-कर्मचारी
इस चीता लैंडस्केप मैनेजमेंट प्लान में कूनो के अलावा ग्वालियर चंबल के वन अधिकारियों और कर्मचारियों को कूनो के स्टाफ की तरह ट्रेंड किया जाएगा। जिस तरह कूनो के अधिकारी व कर्मचारी चीते को देखकर, पेट खाली है या नहीं, उसकी चाल व बैठने से लेकर व्यवहार को समझ लेते हैं, यह सब सिखाया जाएगा। इससे चीते की ट्रैकिंग में मदद मिलेगी और उसकी परेशानी को समझा जा सकेगा। शिकार से लेकर पानी व अन्य परिस्थितियों को भी तत्काल वन मंडल के अधिकारी व कर्मचारी भांप सकेंगे।
बारीकी से होगा डेटा कलेक्शन
अधिकारियों से प्रशिक्षण के दौरान डेटा कलेक्शन भी कराया जाएगा, जिन्हें अलग अलग सैंपल जोन दिए जाएंगे। इनमें उस जोन का पूरा इंफ्रा, प्राकृतिक स्थिति व ओवरआल सभी जानकारियां शामिल रहेंगी। इसके बाद इसी रिकार्ड के आधार पर चीता की निगरानी की जाएगी।