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फर्जी कागजातों से 2.80 लाख की नौकरी पाने वाला पूर्व CEO कानपुर से गिरफ्तार, फाइनल सेटलमेंट में खुली पोल

ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने ऐसे ही मामले में ऑटोमोबाइल कंपनी के पूर्व ग्रुप सीईओ देवेंद्र कुमार दुबे (43) को कानपुर से गिरफ्तार किया है।

By amit mishraEdited By: Rajdil Shivhare
Publish Date: Tue, 15 Sep 2026 03:46:00 PM (IST)Updated Date: Tue, 15 Sep 2026 03:46:28 PM (IST)
फर्जी कागजातों से 2.80 लाख की नौकरी पाने वाला पूर्व CEO कानपुर से गिरफ्तार, फाइनल सेटलमेंट में खुली पोल
एआई से बना चित्र।

HighLights

  1. फर्जी बैंक स्टेटमेंट का खेल
  2. इस्तीफे के बाद खुला राज
  3. कानपुर से आरोपी गिरफ्तार

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र और बैंक स्टेटमेंट के सहारे एक व्यक्ति ने पहले खुद को बड़ी कंपनी का अनुभवी अधिकारी बताया और फिर ऑटोमोबाइल कंपनी में ऊंचे पद के साथ भारी-भरकम वेतन हासिल कर लिया। ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने ऐसे ही मामले में ऑटोमोबाइल कंपनी के पूर्व ग्रुप सीईओ देवेंद्र कुमार दुबे (43) को कानपुर से गिरफ्तार किया है।

आरोपी ने लैंडमार्क ग्रुप में नौकरी करने और वहां से 2 लाख 80 हजार 670 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलने का फर्जी दस्तावेज तैयार किया था।

मई 2026 में अचानक नौकरी से दे दिया इस्तीफा

इसी दस्तावेज के आधार पर उसे अगस्त 2025 में श्रीतुलजा भवानी ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड, जो अनंत टोयोटा के नाम से संचालित है, में ग्रुप वाइस प्रेसिडेंट के पद पर नौकरी मिली। बाद में कंपनी ने उसकी कार्यक्षमता को देखते हुए उसे ग्रुप सीईओ (ऑफ्टर सेल्स) का प्रभार भी सौंप दिया। मई 2026 में उसने अचानक नौकरी से इस्तीफा दे दिया। फुल एंड फाइनल सेटलमेंट की प्रक्रिया के दौरान दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया तो फर्जीवाड़ा सामने आया।


2.80 लाख रुपये वेतन का बनाया फर्जी बैंक स्टेटमेंट

क्राइम ब्रांच के अनुसार, देवेंद्र दुबे ने नौकरी हासिल करते समय लैंडमार्क ग्रुप में काम करने का फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाया था। इसके अलावा अधिक वेतन पैकेज हासिल करने के लिए उसने लैंडमार्क ग्रुप के नाम से 2,80,670 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलने का फर्जी बैंक स्टेटमेंट तैयार किया। पुलिस के मुताबिक इस दस्तावेज पर आरोपी के स्वयं के हस्ताक्षर भी थे।

कंपनी प्रबंधन ने जब दस्तावेजों का बैकग्राउंड वेरिफिकेशन कराया तो लैंडमार्क ग्रुप से जानकारी ली गई। वहां से पता चला कि देवेंद्र दुबे ने उस कंपनी में कभी नौकरी ही नहीं की थी। इसके बाद कंपनी के एचआर मैनेजर ने प्रबंधन को पूरे मामले की जानकारी दी और क्राइम ब्रांच में शिकायत की गई।

अगस्त में केस दर्ज, तब से फरार था आरोपी

शिकायत के आधार पर क्राइम ब्रांच ने अगस्त 2026 में देवेंद्र कुमार दुबे के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप में मामला दर्ज किया।

एफआईआर के बाद पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी कानपुर में छिपा हुआ है। क्राइम ब्रांच की टीम ने वहां दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को पुलिस आरोपी को ग्वालियर लेकर पहुंची।

पुलिस कर रही पूछताछ

क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी अमित शर्मा के अनुसार, आरोपी ने फर्जी बैंक स्टेटमेंट और अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर कंपनी में नौकरी हासिल की थी। उसे कानपुर से गिरफ्तार किया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि उसने फर्जी दस्तावेज कहां तैयार कराए और इस फर्जीवाड़े में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।