ग्वालियर में साइबर ठगी... पूर्व SP रियाज इकबाल का मोबाइल हैक कर 25 हजार ऐंठे
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान नंबरों से मिलने वाले ऑफर और ऑनलाइन विज्ञापनों पर बिना सत्यापन भरोसा न करें।
Publish Date: Sun, 04 Oct 2026 04:55:00 PM (IST)Updated Date: Sun, 04 Oct 2026 05:07:01 PM (IST)
HighLights
- पूर्व SP के हैक मोबाइल से सामान बेचने का झांसा
- यूट्यूब विज्ञापन से टॉफी पैकिंग का लालच देकर ठगी
- महाराजपुरा थाने में दो मामले दर्ज, साइबर सेल जांच में जुटी
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। साइबर ठगों ने ठगी के लिए अब पुलिस अधिकारियों के नाम और पहचान का भी इस्तेमाल शुरू कर दिया है। महाराजपुरा थाना क्षेत्र में सामने आए दो मामलों में एक ठग ने पूर्व एसपी रियाज इकबाल का मोबाइल हैक कर उनके परिचित पुलिसकर्मी के रिश्तेदार को फर्नीचर बेचने का झांसा दिया और क्यूआर कोड के जरिए 25 हजार रुपये ठग लिए।
वहीं, दूसरे मामले में यूट्यूब पर टॉफी पैकिंग का काम दिलाने का विज्ञापन दिखाकर 45,500 रुपये की चपत लगाई गई। पुलिस ने दोनों मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पूर्व एसपी के दोस्त का सामान बेचने का झांसा
महाराजपुरा की हिल्स व्यू कॉलोनी निवासी देशराज सिंह दोहरे ने पुलिस को बताया कि उनके ससुर मुरैना पुलिस लाइन में प्रधान आरक्षक हैं। 14 सितंबर को उन्हें पता चला कि पुलिस लाइन में पदस्थ राजवीर सिंह तोमर के पास पूर्व एसपी रियाज इकबाल के नाम से फोन आया है। फोन करने वाले ने बताया कि पूर्व एसपी के एक दोस्त का तबादला हो गया है। वह अपना घरेलू सामान, फर्नीचर, फ्रिज, टीवी, एसी और वॉशिंग मशीन सहित अन्य वस्तुएं-1.05 लाख रुपये में बेच रहा है।
ठग ने क्यूआर कोड भेजकर 25 हजार रुपये बतौर जमा कराए एडवांस
सामान खरीदने के इच्छुक देशराज ने दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। ठग ने क्यूआर कोड भेजकर 25 हजार रुपये एडवांस जमा करा लिए। इसके बाद और रकम मांगे जाने पर उन्हें संदेह हुआ। राजवीर सिंह तोमर के माध्यम से पूर्व एसपी रियाज इकबाल से संपर्क किया गया, तब पता चला कि उनका मोबाइल हैक हो चुका है और ठग उसी का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे थे।
टॉफी पैकिंग के नाम पर 45,500 रुपये की चपत
दूसरे मामले में गुरुकृपा नगर निवासी 60 वर्षीय सुरेश कुमार रजक ने शिकायत दर्ज कराई है। 23 सितंबर को वह यूट्यूब पर वीडियो देख रहे थे। इसी दौरान उन्हें टॉफी पैकिंग का काम देकर अच्छी कमाई कराने का विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन में दिए गए नंबर पर संपर्क करने पर आरोपी ने जीएसटी शुल्क के नाम पर 4,550 रुपये जमा करने को कहा।
आरोपी ने दूसरे मोबाइल नंबर पर फोन-पे के माध्यम से रकम भेजने के लिए कहा। ट्रांजेक्शन करते समय सुरेश कुमार ने गलती से 4,550 रुपये के बजाय 45,500 रुपये ट्रांसफर कर दिए। अतिरिक्त रकम वापस मांगने पर आरोपी ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। न तो रकम वापस मिली और न ही पैकिंग का सामान भेजा गया।
साइबर सेल खंगाल रही ट्रांजेक्शन डिटेल
महाराजपुरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल ने बताया कि दोनों शिकायतों पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है। साइबर सेल की मदद से रकम ट्रांसफर किए गए बैंक खातों और क्यूआर कोड की ट्रांजेक्शन डिटेल जुटाई जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान नंबरों से मिलने वाले ऑफर और ऑनलाइन विज्ञापनों पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। किसी भी व्यक्ति या संस्था को रकम भेजने से पहले उसकी पहचान और भुगतान संबंधी जानकारी की पुष्टि जरूर करें।