मां की मौत के बाद गिलहरी के बच्चों को बचाने 15 किमी दूर पहुंचे गंगा सिंह, डीएफओ कार्यालय से ली देखभाल की जिम्मेदारी
दो रोज पहले उनके घर के परिसर में करंट से अचानक एक गिलहरी मर गई थी, बाद में देखा तो गिलहरी ने पांच बच्चे दिए थे जो वहीं रेंग रहे थे उनकी आंखे भी नहीं ख...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 22 Oct 2026 08:43:39 PM (IST)Updated Date: Thu, 22 Oct 2026 08:44:07 PM (IST)
डिब्बे में रूई में बैठे गिलहरी के बच्चे । नईदुनियाHighLights
- करंट से हुई मां की मौत
- रुई में सहेजकर लाए मासूम बच्चे
- अब खुद करेंगे बच्चों की देखभाल
नईदुनिया प्रतिनिधि,ग्वालियर। जीव-जंतुओं से स्नेह और उनकी चिंता करने वाले ऐसे कम ही दिखते होंगे। ग्वालियर के बड़ागांव निवासी गंगा सिंह गिलहरी के तीन हाल के जन्मे बच्चों को लेकर घर से 15 किमी दूर डीएफओ कार्यालय पहुंच गए।
यहां आने का मकसद यह था कि गिलहरी यानी बच्चों की मां की करंट से मौत होने के बाद बच्चे कहीं मर न जाएं इसलि वन विभाग को सुपुर्द करने पहुंचे।
गंगा सिंह गिलहरी के बच्चों के चलने फिरने तक खुद देखरेख करेंगे
यहां वन अधिकारियों से चर्चा की तो पता चला कि वन विभाग के कार्यालय में इस तरह रखरखाव की व्यवस्था नहीं है तो गंगा सिंह दोबारा गिलहरी के तीन बच्चों को अपने साथ घर ही ले गए। वे अब बच्चों के चलने फिरने तक खुद देखरेख करेंगे।
दो दिन पहले करंट से मर गई थी बच्चों की मां गिलहरी
गंगा सिंह ने बताया कि दो रोज पहले उनके घर के परिसर में करंट से अचानक एक गिलहरी मर गई थी, बाद में देखा तो गिलहरी ने पांच बच्चे दिए थे जो वहीं रेंग रहे थे उनकी आंखे भी नहीं खुलीं थीं।
दो बच्चे नहीं बच सके और जो तीन बच्चे बचे उन्हें लेकर वन विभाग के कार्यालय गंगा सिंह पहुंच गए।
वे बेटे को लेकर साथ में पहुंचे थे क्योंकि गिलहरी के तीन बच्चों को एक डिब्बे में रूई में रखकर लाए थे जिससे उन्हें नुकसान न पहुंच जाए।