
Greenfield Expressway News: प्रियंक शर्मा. ग्वालियर। ग्वालियर से आगरा तक 88.40 किमी लंबे सिक्सलेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे की टेंडर प्रक्रिया की शुरुआत हो चुकी है। यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस तीन साल के अंदर तैयार होगा। आगरा से शुरू होकर ग्वालियर तक बनने वाला यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस शहर के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोलेगा। इसके जरिये पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलेगा। ये लोगों को उत्तराखंड तक पहुंचाने में भी सहायक होगा, क्योंकि इसके जरिये आगरा से यमुना एक्सप्रेस-वे पर जा सकेंगे। यमुना एक्सप्रेस वे पर जेवर के पास एक इंटरचेंज का निर्माण शुरू हुआ है, जो ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा। इससे हरिद्वार-देहरादून तक की दूरी कम हो सकेगी।
अभी सड़क मार्ग से जाने वाले लोगों को नोएडा, गाजियाबाद होकर ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे पर पहुंचना पड़ता है। ग्वालियर से देहरादून तक की दूरी 564 किमी है, लेकिन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे तैयार होने से आगरा की दूरी जहां 33 किलोमीटर कम होगी, तो वहीं ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे होते हुए दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कारिडोर का इस्तेमाल करने पर देहरादून तक की दूरी 39 किमी कम हो जाएगी। दिल्ली से देहरादून की दूरी 249 किमी है, लेकिन ट्रैफिक के चलते देहरादून तक पहुंचने में छह घंटे लगते हैं। इकोनामिक कारिडोर से यह दूरी जहां 210 किमी रह जाएगी, तो वहीं देहरादून तक पहुंचने में सिर्फ ढाई से तीन घंटे का समय लगेगा। ग्वालियर से देहरादून तक पहुंचने में जहां 10:45 घंटे लगते हैं। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे बनने से जहां दिल्ली तक तीन घंटे, तो वहीं दिल्ली से देहरादून तक सिर्फ ढाई से तीन घंटे में पहुंच सकेंगे। ऐसे में साढ़े पांच से छह घंटे में ग्वालियरवासी उत्तराखंड की वादियों तक पहुंच सकेंगे।
यमुना एक्सप्रेस वे और ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे के कनेक्शन को गत 24 अगस्त को मंजूरी मिल गई है। इंटरचेंज कनेक्शन के लिए 350 किसानों की 77 हेक्टेयर भूमि चिह्नित कर अधिग्रहण की प्रक्रिया भी लगभग पूरी कर ली गई है। इस इंटरचेंज को 80 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है और काम की समय सीमा 18 माह रखी गई है। ऐसे में तीन साल बाद जब ग्वालियर-आगरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे तैयार होगा, तब तक इंटरचेंज का निर्माण पूरा होकर उस पर ट्रैफिक भी दौड़ रहा होगा।