शीतला माता मंदिर हादसा: ट्रक के नीचे दबे भाई को बचाने 8 KM दौड़ा सौरभ, ₹800 देकर लाया क्रेन, फिर भी टूट गई सांसें
सौरभ के मुताबिक, उसने देखा कि उसकी बहन का पैर ट्रक के टायर के नीचे दबा हुआ था। भाई दिखाई नहीं दिया तो वह मदद लेने के लिए दौड़ पड़ा।
Publish Date: Sun, 18 Oct 2026 02:59:26 PM (IST)Updated Date: Sun, 18 Oct 2026 02:59:51 PM (IST)
मृतक गौरव का भाई सौरभ। सोशल मीडियाHighLights
- भाई को ट्रक के नीचे देख मदद के लिए भागा सौरभ
- ऑनलाइन 800 रुपये देकर विक्ट्री फैक्ट्री से लाया क्रेन
- मेले में मातम: एक ही परिवार के कई सदस्यों की मौत
डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। शीतला माता मंदिर के पास हुए हादसे ने कई परिवारों को गहरा सदमा दिया है। हादसे के बाद घटनास्थल से लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक के कई वीडियो और तस्वीरें सामने आ रहे हैं। इसी बीच बड़ागांव खुरेरी निवासी गौरव परिहार के छोटे भाई सौरभ का वीडियो भी सामने आया है।
वीडियो में सौरभ अपने भाई को बचाने के लिए किए गए संघर्ष को बयां करते हुए बताता है कि भाई ट्रक के नीचे दबा था। उसे बचाने के लिए वह करीब आठ किलोमीटर दौड़कर विक्ट्री फैक्ट्री पहुंचा और 800 रुपये देकर हाइड्रा लेकर आया, लेकिन इसके बावजूद वह अपने भाई की जान नहीं बचा सका।
सौरभ अपने भाई, बहन और भाई के दोस्त के साथ आया था मंदिर
वीडियो में सौरभ बताता है कि वह अपने भाई, बहन और भाई के दोस्त के साथ शीतला माता मंदिर के मेले में आया था। दोस्त गाड़ी में ही रुक गया, जबकि तीनों भाई-बहन दर्शन करने चले गए। इसी दौरान हादसा हो गया। सौरभ के मुताबिक, उसने देखा कि उसकी बहन का पैर ट्रक के टायर के नीचे दबा हुआ था। भाई दिखाई नहीं दिया तो वह मदद लेने के लिए दौड़ पड़ा।
विक्ट्री फैक्ट्री पहुंचा और ऑनलाइन 800 रुपये देकर लेकर आया क्रेन
रास्ते में पुलिसकर्मी मिले तो उसने ट्रक उठाने के लिए क्रेन (हाइड्रा) बुलाने की गुहार लगाई। पुलिसकर्मियों ने कुछ ही मिनटों में क्रेन आने की बात कही। सौरभ इसके बाद भी मदद के लिए दौड़ता रहा। रास्ते में कुछ लोगों ने उसे लिफ्ट दी, जबकि कुछ नहीं रुके। वह विक्ट्री फैक्ट्री पहुंचा और ऑनलाइन 800 रुपये देकर हाइड्रा लेकर घटनास्थल पर पहुंचा। ट्रक उठवाया, लेकिन तब तक भाई की जान नहीं बचाई जा सकी। वीडियो में सौरभ की बेबसी और भाई को खोने का दर्द सामने आता है।
शौर्य और उसके ताऊ की मौत, माता-पिता का इलाज जारी
हादसे में 15 वर्षीय शौर्य शर्मा और उसके ताऊ महेश, पिता मातादीन शर्मा की मौत हो गई। शौर्य अपने माता-पिता और ताऊ के साथ मेले में आया था। हादसे में परिवार के अन्य सदस्य भी प्रभावित हुए हैं। शौर्य के पिता संजय शर्मा, उसकी मां और परिवार के अन्य लोगों का ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है। यह परिवार मूल रूप से श्योपुर जिले के सहसराम गांव का रहने वाला है और कुछ समय से ग्वालियर में रह रहा है।
बहन और सहेली के साथ दर्शन करने आई थी जाहन्वी, पैर फ्रैक्चर
शिवपुरी जिले के बरैठ गांव की 20 वर्षीय जाहन्वी अपनी बहन साक्षी और सहेली भावना के साथ मेले में दर्शन करने आई थी। हादसे में उसका पैर फ्रैक्चर हो गया। जाहन्वी ने बताया कि ट्रक के घुसते ही ऐसा लगा, जैसे तेज तूफान आ गया हो। कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला। चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान वह भी गिर पड़ी। उसे याद नहीं है कि उसके पैर पर कौन गिरा, लेकिन इस घटना में उसका पैर टूट गया। जाहन्वी ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले शौर्य और उसके ताऊ महेश भी उसी के गांव के रहने वाले थे।