
वरुण शर्मा l नईदुनिया ग्वालियर: शहर में मच्छरों से पनपने वाले रोगों की रोकथाम के लिए अगर आप फागिंग कराने के भरोसे बैठे हैं तो इंतजार मत कीजिए। नगर निगम के जिम्मे जो फागिंग का काम है वह एक तरह से भगवान भरोसे ही है। हकीकत यही है कि फागिंग का काम नगर निगम की प्राथमिकता पर नहीं है।
फागिंग के लिए टिपर वाहन के भरोसे अमला रहता है, जो शाम चार बजे तक मिल पाते हैं। इसके बाद फागिंग के लिए टीमें निकलती हैं, लेकिन रात होते ही दूर दराज के इलाकों में फागिंग नहीं हो पाती है। एक विधानसभा में दो वाहनों से काम चलता है, अलग से फागिंग के लिए वाहनों की व्यवस्था नहीं है।
वहीं नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग का हाल और चौंकाने वाला है, फागिंग कराने के लिए यहां आकर आवेदन दें और इसके बाद फागिंग कब होगी यह बताया भी नहीं जाता है। वहीं जब तक वाहन को डीजल नहीं मिलता फागिंग का काम रूका रहता है। आवेदन देने के बाद एक पर्ची आवक नंबर की पकड़ा दी ताी है। यह पूरी जानकारी गुरुवार को नईदुनिया की पड़ताल में सामने आई।
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