• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • AI बूटकैंप
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • ग्वालियर

ग्वालियर की एक विधानसभा में फॉगिंग के लिए सिर्फ दो गाड़ियां, शहर में कैसे थमेगा मच्छरों का डंक

ग्वालियर में मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए फागिंग व्यवस्था बदहाल मिली। नगर निगम में आवेदन के बाद फागिंग की तारीख नहीं बताई जाती, वाहन और डीजल भी सी...और पढ़ें

By Varun SharmaEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Fri, 18 Sep 2026 08:13:48 AM (IST)Updated Date: Fri, 18 Sep 2026 08:13:48 AM (IST)
ग्वालियर की एक विधानसभा में फॉगिंग के लिए सिर्फ दो गाड़ियां, शहर में कैसे थमेगा मच्छरों का डंक
ग्वालियर की एक विधानसभा में फॉगिंग के लिए सिर्फ दो गाड़ियां। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. फागिंग के लिए नगर निगम में लिखित आवेदन जरूरी।
  2. आवेदन के बाद फागिंग की तारीख नहीं बताई जाती।
  3. फागिंग के लिए सीमित टिपर वाहन उपलब्ध रहते हैं।

वरुण शर्मा l नईदुनिया ग्वालियर: शहर में मच्छरों से पनपने वाले रोगों की रोकथाम के लिए अगर आप फागिंग कराने के भरोसे बैठे हैं तो इंतजार मत कीजिए। नगर निगम के जिम्मे जो फागिंग का काम है वह एक तरह से भगवान भरोसे ही है। हकीकत यही है कि फागिंग का काम नगर निगम की प्राथमिकता पर नहीं है।

टिपर वाहन के भरोसे अमला

फागिंग के लिए टिपर वाहन के भरोसे अमला रहता है, जो शाम चार बजे तक मिल पाते हैं। इसके बाद फागिंग के लिए टीमें निकलती हैं, लेकिन रात होते ही दूर दराज के इलाकों में फागिंग नहीं हो पाती है। एक विधानसभा में दो वाहनों से काम चलता है, अलग से फागिंग के लिए वाहनों की व्यवस्था नहीं है।


आवेदन के बाद फागिंग कब होगी, यह बताया नहीं जाता

वहीं नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग का हाल और चौंकाने वाला है, फागिंग कराने के लिए यहां आकर आवेदन दें और इसके बाद फागिंग कब होगी यह बताया भी नहीं जाता है। वहीं जब तक वाहन को डीजल नहीं मिलता फागिंग का काम रूका रहता है। आवेदन देने के बाद एक पर्ची आवक नंबर की पकड़ा दी ताी है। यह पूरी जानकारी गुरुवार को नईदुनिया की पड़ताल में सामने आई।

यह भी पढ़ें- ग्वालियर: पार्किंग की जगह पर तान दीं 18 दुकानें, न्यू बैंक कॉलोनी में नियम विरुद्ध निर्माण पर चला निगम का बुलडोजर

नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग: यह मिला हाल

  • नईदुनिया टीम ने नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग पहुंचकर पड़ताल की। यह गोपाल मंदिर फूलबाग के पीछे बना हुआ है। यहां पहुंचने के बाद टीम ने आम आवेदक बतौर कहा कि फागिंग कराना है कैसे होगी। इसको लेकर यहां बैठी महिला स्टाफ ने विजय नाम के व्यक्ति के पास पहुंचाया। विजय ने कहा कि आवेदन लिखकर देना होगा तभी फागिंग होती है।

  • टीम ने पूछा कि जानकारी मौखिक देने या आनलाइन सिस्टम के तहत कोई व्यवस्था नही है तो मना किया गया। आवेदन लिखकर देने के बाद एक छोटे से कागज पर आवक नंबर दे दिया गया। टीम ने पूछा फागिंग कब होगी तो बताया कि यह आवेदन आगे जाएगा और अपने आप टीम आएगी। टीम ने कहा कि जल्द फागिंग जो जाए ऐसा नहीं हो सकता तो बताया कि साहब से यानी निगम के स्वास्थ्य अधिकारी से मिलना होगा। साहब के बारे में पूछा तो बताया गया कि वह अभी काम से बाहर गए हैं।
  • यह भी पढ़ें- लाड़ली बहना योजना को चुनौती देने वाली याचिका पर हाई कोर्ट का नोटिस, राज्य सरकार से मांगा हितग्राहियों का ब्योरा