ग्वालियर: 5 दिवसीय बैंकिंग की मांग को लेकर बैंककर्मियों का प्रदर्शन, लगातार तीन दिन बंद रहेंगे बैंक
बैंकों की इस हड़ताल और इसके बाद शनिवार-रविवार की छुट्टियों के कारण बैंकिंग कामकाज पूरी तरह बंद रहेगा, जिससे आम जनता और कारोबारियों को शुक्रवार को परेश...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 11 Sep 2026 05:50:32 PM (IST)Updated Date: Fri, 11 Sep 2026 05:51:04 PM (IST)
मांगों को लेकर महाराजबाडे पर प्रदर्शन करते बैंक कर्मचारी। नईदुनियाHighLights
- महाराज बाड़े पर जोरदार प्रदर्शन
- तीन दिन ठप रहेगा काम
- मांगें न मानने पर चेतावनी
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के देशव्यापी आह्वान पर शुक्रवार, 11 सितंबर को महाराज बाड़े पर बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। महाराज बाड़ा पर आयोजित इस प्रदर्शन में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक सहित विभिन्न बैंकों के करीब 800 से 1000 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।
बैंकों की इस हड़ताल और इसके बाद शनिवार-रविवार की छुट्टियों के कारण बैंकिंग कामकाज पूरी तरह बंद रहेगा, जिससे आम जनता और कारोबारियों को शुक्रवार को परेशानी हुई और वे बैंकों में लेनदेन व अन्य काम नहीं कर पाएंगे। चूंकि शनिवार व रविवार को भी अवकाश होने से बैंकों में काम काज नहीं हो पाएगा।
लंबे समय से लंबित हैं मांगें, वार्ता रही बेनतीजा
यूएफबीयू ग्वालियर इकाई के संयोजक विवेक रावत ने बताया कि मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और बैंक यूनियनों के बीच द्विपक्षीय समझौते में पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह पर सहमति बनी थी। प्रस्ताव सरकार को अनुमोदन के लिए भेजा गया था, लेकिन ढाई वर्ष बीत जाने के बाद भी इसे लागू नहीं किया गया। हाल ही में 4, 8 और 9 सितंबर को मुख्य श्रम आयुक्त और वित्त मंत्रालय के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठकों में भी कोई ठोस समाधान या निश्चित समय-सीमा तय नहीं हो सकी।
इसके विरोध में यूनियनों ने आंदोलन का रास्ता चुना। सह-संयोजक शैलेश यादव, देवव्रत सिकरवार, सौरभ सिकरवार और देवेंद्र शुक्ला ने स्पष्ट किया कि मांगें न मानने पर आगे 28, 29 और 30 सितंबर तथा 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
बैंक रहे बंद, लोग हुए परेशान
हड़ताल के चलते शहर भर की बैंक शाखाओं पर ताले लटके रहे, जिससे आम नागरिकों को काफी दिक्कतें आईं। अचानक बैंक बंद होने से पासबुक एंट्री, नकदी निकासी, पेंशन और जरूरी कागजी काम के लिए पहुंचे वृद्ध और दूर-दराज के ग्रामीण बिना काम कराए लौटने को मजबूर हुए। चेक क्लीयरेंस, आरटीजीएस और एनईएफटी सेवाएं प्रभावित होने से स्थानीय व्यापारियों के करोड़ों रुपये के लेन-देन अटक गए। शाखाएं बंद होने और कैश री-फिलिंग न होने से कई इलाकों में एटीएम मशीनों ने भी दोपहर तक नो कैश का मैसेज दिखा दिया।
कर्मचारियों की ये थी मुख्य मांगे
प्रदर्शन के दौरान बैंक अधिकारी व कर्मचारी पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह तत्काल लागू किया जाए। संशोधित परफोरमेंस लिंक्ड इनसेंटिव की मांगें मंजूर की जाएं।