
Gwalior Collector guideline News: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। जमीन की कीमतों में बढ़ोत्तरी के डर से पंजीयन कार्यालय में इस बार भी आखिरी दिन यानी रविवार को भारी भीड़ रही। सुबह से लेकर रात तक पंजीयन के लिए कतारें दिखीं। सोमवार से नई कलेक्टर गाइडलाइन लागू हो रही है,इसी कारण रजिस्ट्री कराने वालों की भीड़ लगी रही। आखिरी दिन 350 से ज्यादा दस्तावेज पंजीयन हुए और पूरे मार्च के आंकड़े तो देखें तो संख्या 6 हजार पार हो गई है। पहली बार इस बार पंजीयन विभाग का आंकड़ा 700 करोड़ पार कर गया है इसमें दो दिन बाद अंतिम तौर पर फायनल होने के बाद यह पांच से छह करोड़ और बढ़ सकता है। अब अप्रैल माह में एक और दो अप्रैल को रजिस्ट्री नहीं होंगीं, साफ्टवेयर अपडेशन का काम होगा।
इस बार नई कलेक्टर गाइडलाइन में विस्तार होते शहर की ओर ही जमीनों के दामों में वृद्वि की गई है। जिले में 14 फीसद और शहर में 26 प्रतिशत जमीनों के दाम बढ़ाए गए हैं। नई कलेक्टर गाइडलाइन के प्रस्तावों में कुल 1410 लोकेशन पर बढ़ोतरी की गई है। इसमें शहर की 93 लोकेशन पर 100 प्रतिशत तक बढ़ोतरी शामिल है। शहर की 30 लोकेशन 10 प्रतिशत, 166 लोकेशन में 10 से 20 प्रतिशत, 222 लोकेशन में 20-30 प्रतिशत, 78 लोकेशन में 30 से 40, 129 लोकेशन में 40 से 50 प्रतिशत, 152 लोकेशन में 50 से 100 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। गाइडलाइन वर्ष 2024-25 में 11 नई लोकेशन शामिल की गई हैं। सबसे ज्यादा बढ़ोत्तरी का असर नेशनल हाइवे यानी नए विस्तार होती लोकेशन पर दिखेगा। नेशनल हाइवे क्षेत्र का अडूपुरा क्षेत्र में 1900 प्रति वर्ग मीटर से दाम बढ़कर 10 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर हो जाएंगे। शहर के हुरावली, सिरोल और पुरानी छावनी हाईवे, बड़ागांव हाईवे क्षेत्र में दाम बढ़ेंगे। बैठक में सबसे ज्यादा नए विस्तार होते लोकेशन पर ही हुई।
आखिरी दिन रात में 12 बजे से पहले तक जिनके स्लाट बुक हुए और रजिस्ट्री संपादित हुई उन्हें रजिस्ट्री पुरानी कलेक्टर गाइडलाइन पर ही मिलेगी। दस्तावेज एक या दो दिन बाद मिलेंगे। आखिरी दिन पंजीयन कार्यालय में काफी भीड़भाड़ रही। लोगों में यह भ्रम भी था कि आखिरी दिन के स्लाट बुक होने के बाद रजिस्ट्री तत्काल नहीं मिली तो नए रेट लागू न हो जाएं, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ऐसा नहीं होगा।
इस बार पंजीयन विभाग ने रिकार्ड राजस्व हासिल किया है और पिछली बार यह आंकड़ा 592 करोड़ रूपए था। 700 से बढ़कर यह 705 करोड़ तक जाने की संभावना है। नए साफ्टवेयर के अपडेट होने में एक दो दिन का समय लग जाता है।
इस बार 700 करोड़ से ज्यादा का रिकार्ड राजस्व पंजीयन विभाग ने प्राप्त किया है। पिछली बार यह आंकड़ा 592 करोड़ रूपए था। आखिरी दिन काफी संख्या में दस्तोवजों का पंजीयन हुआ और रात तक काम चला। नई कलेक्टर गाइडलाइन एक अप्रैल से लागू हो जाएगी।
डा दिनेश गौतम, वरिष्ठ जिला पंजीयक, ग्वालियर