
Gwalior Corona Alert News: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना के खतरे को देखते हुए अस्पतालों में तैयारियां तेजी से चल रही हैं, जबकि जिला अस्पताल मुरार के हालात यह हैं कि यहां पर न तो आक्सीजन प्लांट ठीक से चल रहा है ना ही आइसीयू तैयार है। यदि इस वक्त अचानक से कोविड के मरीज बढ़े तो जिला अस्पताल में भर्ती करने की बात तो दूर उनकी जांच तक नहीं की जा सकेगी। क्योंकि जिस दिन से आरटीपीसीआर मशीन जिला अस्पताल पहुंची है तब से वह कार्टन में पैक रखी हुई है। ़आिरटीपीसीआर से जांच करने के लिए कैमिकल तक उपलब्ध नहीं है। ऐसे में 27 दिसंबर को होने वाली माकड्रिल की तैयारियां कागजों में चल रही हैं। यह हालात केवल जिला अस्पताल के नहीं बल्कि सिविल अस्पताल हजीरा, डीडी नगर, मोहना, हस्तिनापुर, डबरा और भितरवार के भी हैं। हालांकि जयारोग्य अस्पताल में 18 बेड का टीबी वार्ड और 10 बेड का पीडियाट्रिक वार्ड तैयार किया जा चुका है तथा स्टाफ की कोविड को लेकर ड्यूटी भी लगा दी गई है, जबकि प्रदेश के संविदा कर्मचारी हड़ताल पर होने से स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों की हालत खराब चल रही है। यहां पर अटेंडेंटों को खुद मरीज ढोने पड़ रहे हैं तो लैब में निजी कालेजों के छात्र बिना परमिशन के काम कर रहे हैं। ऐसे में किसी मरीज के साथ कोई हादसा होता है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा।
आक्सीजन सिलेंडर का पता न कंस्ट्रेटर व दवाओं का
स्वास्थ्य विभाग के पास कितने आक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध हैं और कितने कंस्ट्रेटर है इसकी जानकारी भी नहीं है। हालात यह है कि अचानक से कोविड के मरीज बढ़े तो दवाओं की उपलब्धता है भी या नहीं इसकी भी ठीक से जानकारी संबंधित अधिकारियों के पास नहीं है। वेंटिलेटर,मानीटर, वाइपेप व अन्य उपयोगी उपकरण की स्थिति कैसी है इसकी भी जानकारी नहीं है।
आरटीपीसीआर मशीन चालू नहीं
जिला अस्पताल में कोविड की जांच के लिए आरटीपीसीआर मशीन उपलब्ध कराए चार महीने हो चुके हैं, लेकिन इन चार महीनों में चार जांच भी इस मशीन से नहीं की जा सकीं, क्योंकि जिस दिन मशीन का उद्घाटन हुआ उसके बाद उसे वापस कार्टन में पैक कर रख दिया गया। इस कारण जो भी सैंपल लिए जाते हैं उन्हें जांच के लिए गजराराजा मेडिकल कालेज भेजा जा रहा है।
आक्सीजन प्लांट भी ठप
कोविड की दूसरी लहर में आक्सीजन की किल्लत को देखते हुए जेएएच से लेकर जिला अस्पताल में आक्सीजन प्लांट तैयार किए गए, लेकिन इन प्लांट का संचालन व रखरखाव ठीक से नहीं हो सका। जिस कारण से 60 फीसद प्लांट ठप पड़े हुए हैं। जिला अस्पताल में लगा प्लांट आक्सीजन की शुद्घता ठीक से सप्लाई नहीं कर पा रहा है, जबकि मोहना, डबरा, हस्तिनापुर व हजीरा के प्लांट को संचालित करने के लिए स्टाफ उपलब्ध नहीं है। इसलिए वह सब बंद पड़े हुए हैं।
कोविड को लेकर तैयारियां चल रही हैं। दो दिन बाद माकड्रिल कर तैयारियों को परखा जाएगा। हमारे पास कितना सामान व दवाओं की उपलब्धता है, उसकी सूची तैयार की जा रही है। आइसीयू को तैयार कराने के निर्देश दिए गए है। उसकी जानकारी कल ली जाएगी। जो छात्र बाहर के आकर काम कर रहे हैं इसके बारे में भी सीएस से पूछा जाएगा, वे किस की अनुमति से काम कर रहे हैं।
डा.मनीष शर्मा, सीएमएचओ