• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • ग्वालियर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 08, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Gwalior counter magnet city: केंद्र की ग्रीन फील्ड योजना में थी मैग्नेट सिटी, लेकिन अब बन गई है साडा की घोस्ट टाउन

Gwalior counter magnet city:तिघरा के पास बने साडा के काउंटर मैग्नेट सिटी अब केंद्र सरकार की ग्रीन फील्ड योजना के भरोसे है।

By anil.tomarEdited By: anil.tomar
Publish Date: Sun, 08 May 2022 04:06:46 PM (IST)Updated Date: Sun, 08 May 2022 04:06:46 PM (IST)
Gwalior counter magnet city: केंद्र की ग्रीन फील्ड योजना में थी मैग्नेट सिटी, लेकिन अब बन गई है साडा की घोस्ट टाउन

Gwalior counter magnet city: ग्वालियर.नईदुनिया प्रतिनिधि। तिघरा के पास बने साडा के काउंटर मैग्नेट सिटी अब केंद्र सरकार की ग्रीन फील्ड योजना के भरोसे है। यहां पर हजारों की संख्या में मकान बना दिए गए हैं, लेकिन अभी तक एक भी व्यक्ति यहां पर रहने के लिए नहीं पहुंचा है ऐसे में जो मकान बन चुके हैं वह खस्ताहाल हो चुके हैं। लोग साडा की योजना को घोस्ट टाउन के नाम से पुकारने लगे हैं। ऐसा ही घोस्ट टाउन चीन में भी है वहां पर दो करोड़ मकान बने हैं लेकिन रहने वाला कोई नहीं है।

केंद्र सरकार के केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय द्वारा 15 वें वित्तीय आयोग के तहत देश के आठ शहरों को ग्रीन फील्ड योजना में शामिल किया जाना है। इस योजना में शामिल शहरों को केंद्र सरकार से 1000-1000 करोड़ रुपये मिलेंगे। इस योजना में शामिल करने के लिए केंद्रीय मंत्री ज्याेतिरादित्य सिंधिया ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा था। पत्र में लिखा था कि ग्वालियर में माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी का विकास प्रगतिशील है, लेकिन पैसों की कमी से यह कार्य अटका हुआ है। प्रदेश सरकार की ओर से ग्वालियर का नाम इस योजना में शामिल होने के लिए भेजा जाता है तो काउंटर मैग्नेट सिटी के विकास कार्य हो सकेंगे। केंद्र सरकार की इस योजना में पुराने शहर के पास नए शहर को बसाया जाना है, इस योजना में शहर के विकास की थीम औद्योगिक क्षेत्र का विकास, करना है जिससे शहर की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके। शहरों के शामिल होने के बाद 1000 करोड़ रुपये की पहली किश्त मार्च 2023 तक दी जाएगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखे पत्र में केंंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया है कि माधवराज सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी के लिए 8065 वर्ग किलोमीटर भूमि नोटिफाइड की जा चुकी है। इसमें से 90 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में आधारभूत सरंचनाएं हैं। जिसमें सड़क, बिजली, पानी सीवर लाइन पार्क आदि हैं। इसके साथ ही यहां पर आवासीय क्षेत्र के साथ ही आइटी पार्क, लाजिस्टिक पार्क आदि भी हैं। इसलिए केंद्र सरकार की ग्रीन फील्ड योजना में शामिल करने के लिए यह काफी उपयुक्त है। आर्थिक आभाव के कारण वर्तमान में यहां पर कोई विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। साथ ही जो विकास कार्य हो चुके हैं उनके रखरखाव एवं साडा के कर्मचारियों की सैलरी निकालने में भी परेशानी हो रही है। अगर ग्वालियर ग्रीन फील्ड में शामिल हो जाता है तो यहां का विकास काफी तेजी से हो सकेगा।