Gwalior Crime News: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ के जवानों को मिले गुजरात के दंपती के बेटे के अपहरण की कहानी झूठी निकली। पाटन जिले से किशोर के पिता पुलिस के साथ ग्वालियर पहुंचे तो पता चला कि किशोर पढ़ना नहीं चाहता है और उसकी बोर्ड परीक्षा आने वाली है। इस कारण उसने खुद अपने अपहरण की कहानी रची और मेहसाणा स्टेशन से अहमदाबाद एक्सप्रेस में बैठकर ग्वालियर आ गया। पाटन पुलिस इससे जुड़े सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्य भी लेकर ग्वालियर आई थी। इस कारण किशोर का झूठ पकड़ा गया। किशोर को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया, जहां से मामला पाटन स्थित बाल समिति को ट्रांसफर किया गया है। गत रविवार को रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों को ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर एक किशोर रोता हुआ मिला। जवानों ने उससे बात की तो उसने बताया कि कुछ बदमाश बहला-फुसलाकर ट्रेन से ग्वालियर ला रहे थे, लेकिन इसी बीच ट्रेन में चेकिंग होने पर वे आगरा के बाद उसे छोड़कर चले गए। किशोर के पिता पाटन में सरकारी शिक्षक हैं, वहीं मां सरकारी कालेज में प्रोफेसर हैं। आरपीएफ ने किशोर को चाइल्ड लाइन को सौंप दिया था। किशोर का नाम पृथ्वी पटेल और उसके पिता का नाम नीलेश पटेल है। किशोर के गायब होने पर उसके स्वजनों ने पाटन में एफआइआर कराई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने जब पड़ताल की तो पता चला कि वह खुद ही घर से भागकर आ गया था और यहां उसने झूठी कहानी सुना दी।

60 किमी चलाई साइकिल़पिढ़ाई का खौफ इस कदर किशोर के दिमाग में बसा हुआ था कि वह पाटन स्थित अपने घर से कोचिंग जाने की कहकर निकला था और वहां से मेहसाणा तक 60 किमी तक साइकिल चलाकर पहुंचा। वहां से वह अहमदाबाद एक्सप्रेस में बैठकर ग्वालियर आया था। अनजान शहर में आने पर वह घबरा गया और आरपीएफ को रोते हुए झूठी कहानी सुना दी।

Posted By: anil.tomar

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