Gwalior Crime News: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। दो सगी बेटियों का बेहतर भविष्य बने इसके लिए जूली ने अपने सौतेले बेटे नितिन को चाय में मिलाकर जहर पिलाया था। बेटा तो मर गया पर जूली अपनी बेटियों का भविष्य अंधकार में छोड़कर बुधवार को जेल पहुंच गई। मुरार थाना पुलिस के सामने उसने जहर देने की पूरी बात सुनाई, लेकिन यह नहीं बताया कि उसे जहर मिला कहां से था। मुरार थाना प्रभारी शैलेंद्र भार्गव ने बताया कि बुधवार को कोर्ट में जूली को पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया। गौरतलब है कि मुरार थाना अंतर्गत रहने वाले राजू मिर्धा के 10 साल के बेटे को उसकी दूसरी पत्नी जूली ने जहर देकर मार दिया था। इस मामले की पुलिस ने जांच की तो जूली पर शक गहराया। जूली से सख्ती से पूछताछ की तो उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया। जिसके बाद उसके खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था।
मैंने कहा था क्लेम की कुछ राशि बेटियों के नाम कर देः जूली ने पुलिस को बताया कि उसकी साढ़े चार साल व छह साल की दो बेटियां हैं। उसके पति की मौत हो गई, उसके बाद उसने राजू से विवाह कर लिया। राजू ने दोनों बेटियों को अपना भी लिया, लेकिन राजू की पहली पत्नी की मौत से जो क्लेम की राशि मिली, उसकी पूरी एफडी अपने 10 साल के बेटे नितिन के नाम पर कर दी, जबकि जूली ने कहा था कि पांच-पांच लाख रुपये वह उनकी बेटी के नाम कर दे और बाकी की रकम अपने बेटे के नाम कर दे । दोनों बहन भाई खुश रहेंगे, लेकिन राजू इस पर राजी नहीं था। मैंने काफी समझाने का प्रयास किया यहां तक कि राजू को छोड़ने की धमकी दी पर राजू का दिल नहीं पिघला। मैं यह चाहती थी कि कुछ पैसा वह बच्चों की पढ़ाई लिखाई पर खर्च करे जिससे बच्चे अच्छे स्कूल में पढ़ लिखकर बड़े हों, पर इस पर भी राजू ने कुछ नहीं किया। जिसके बाद मैंने प्लान बनाया कि राजू इस तरह से तो केवल अपने बेटे को ही चाहता है, जबकि उसकी बेटियों का भविष्य तो गर्त में ही है, क्योंकि कल के दिन बाप बेटे ने उन्हें छोड़ दिया तो वह दो बेटियों को लेकर कहां जाएगी। घटना वाले दिन राजू शाम पांच बजे घर आया और वह सो गया। इसके बाद उसने शाम की चाय बनाई और उस दिन नितिन को चाय पीने के लिए दी। जहर पहले से ही मंगवाकर रखा था इसलिए चाय में जहर मिला दिया। मासूम मेरे हाथ से चाय लेकर बहुत खुश था और वह बिना न नुकुर किए पूरी चाय पी गया।