
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय से 21.05 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने शाजापुर के जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार मालवीय और रतलाम निवासी हैंडलर अंकित वर्मा को गिरफ्तार किया है। अंकित अपना नेटवर्क बिहार के पटना से संचालित कर रहा था।
पूछताछ में अंकित ने साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े तीन अन्य लोगों के नाम पुलिस को बताए हैं। हालांकि पुलिस ने फिलहाल इनके नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। पुलिस अब हैंडलर नेटवर्क से जुड़े लोगों और विभिन्न राज्यों में मौजूद बैंक खातों की जांच कर रही है।
जांच का मुख्य फोकस ठगी की रकम की मनी ट्रेल पर है। पुलिस के अनुसार जगदीश मालवीय के बैंक खाते में ठगी के 50 लाख रुपये पहुंचे थे। इसके बाद चंद मिनटों में ही यह रकम 100 से ज्यादा बैंक खातों में ट्रांसफर हो गई। ये खाते छह राज्यों में स्थित हैं। पुलिस यह पता लगा रही है कि रकम किन-किन खातों में भेजी गई और बाद में कहां से निकाली गई। मामले में अभी रकम की रिकवरी नहीं हो सकी है।
जगदीश मालवीय और अंकित वर्मा को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। दोनों के मोबाइल और लैपटाप की साइबर फोरेंसिक लैब में जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि दोनों ने साइबर ठगी से मिली रकम से कितनी संपत्ति जुटाई है।