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ग्वालियर: डिजिटल अरेस्ट कर रिटायर्ड टेक्नीशियन से 1.58 करोड़ की ठगी, कंबोडिया से जुड़ा कनेक्शन; 129 खातों में घुमाई रकम

महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 1.58 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में 19 लाख रुपये गहने गिरवी रख लोन निकला गया।

By amit mishraEdited By: Rajdil Shivhare
Publish Date: Thu, 25 Jun 2026 09:50:31 AM (IST)Updated Date: Thu, 25 Jun 2026 09:51:17 AM (IST)
ग्वालियर: डिजिटल अरेस्ट कर रिटायर्ड टेक्नीशियन से 1.58 करोड़ की ठगी, कंबोडिया से जुड़ा कनेक्शन; 129 खातों में घुमाई रकम
एआई से बना चित्र।

HighLights

  1. गहने गिरवी रखकर ठगों को दिए पैसे
  2. कंबोडिया से 'सर्वर जंप' के जरिए आया कॉल
  3. क्या है ठगी की 'लेयरिंग' तकनीक?

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह ने एक रिटायर्ड लैब टेक्नीशियन को अपना शिकार बनाते हुए उनसे 1.58 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि ठग ली। इस मामले में पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में चौंकाने वाले राजफाश हुए हैं।

जांच में सामने आया है कि पीड़ित को डराने के लिए इस्तेमाल किया गया कॉल कंबोडिया से 'सर्वर जम्प' तकनीक के जरिये किया गया था, ताकि पुलिस आसानी से लोकेशन ट्रेस न कर सके। पुलिस ने इस पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और साइबर क्राइम विंग की मदद से जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।


महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 1.58 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में 19 लाख रुपये गहने गिरवी रख लोन निकला गया। जब महिला का बैंक खाता और सारी फिक्स्ड डिपाजिट का रुपया निकालने के बाद जब और धन मांगा गया तो गहने गिरवी रख दिए।

कंबोडिया से आया था 'डिजिटल अरेस्ट' का कॉल

ठगों ने पीड़ित को डराने और खुद को दिल्ली का आईपीएस अधिकारी और सीबीआई का अधिकारी बताने के लिए कंबोडिया से कॉल किया था। इसके लिए 'सर्वर जंपिंग' का इस्तेमाल किया गया, जिससे पीड़ित के फोन पर भारतीय नंबर या किसी सरकारी एजेंसी का आभासी नंबर दिखाई दे। पीड़ित को कई घंटों तक वीडियो कॉल पर बंधक (डिजिटल अरेस्ट) बनाकर रखा गया और केस से नाम हटाने के एवज में 1.58 करोड़ रुपए ऐंठ लिए गए।

पुलिस के पास शिकायत के बाद भी आते रहे फोन: फरियादी ने जब पुलिस थाने पहुंचकर एफआईआर दर्ज करवा दी। इसके बाद भी ठग के वाइस और वीडियो कॉल आते रहे।

पुलिस की कार्रवाई और चेतावनी

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उन सभी 129 बैंक खातों को फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिनमें धन ट्रांसफर हुआ था। साथ ही, जिन निजी बैंकों में ये करंट अकाउंट खुले थे, उनसे भी खाताधारकों का केवाइसी ब्योरा मांगा गया है।

naidunia_image

पुलिस की जनता से अपील

  • कानून में 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी कोई व्यवस्था नहीं है।
  • कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो काल पर न तो गिरफ्तार करती है और न ही धन की मांग करती है।
  • ऐसा कोई भी काल आने पर घबराएं नहीं, बल्कि 1930 पर काल कर साइबर क्राइम की रिपोर्ट करें।