Gwalior Health News: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। जयारोग्य अस्पताल परिसर में बने भवनों की ठीक से देखरेख नहीं होने के कारण यह मरीजों के लिए परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं। बुधवार को कमलाराजा अस्पताल के लेवर रूम के बगल से बने कक्ष की फाल सीलिंग गिरने से बेड पर लेटी जच्चा घायल हो गई, जबकि बच्चा बाल-बाल बचा। फाल सीलिंग गिरने से वार्ड में दहशत फैल गई। जिसकी सूचना संबंधित अफसरों को दी गई। इसके बाद वार्ड से मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया। दो दिन पहले जेएएच की पत्थर वाली बिल्डिंग में सर्जरी वार्ड के डाक्टर ड्यूटी रूम की फाल सीलिंग गिरने से भी एक जूनियर डाक्टर को चोट आई थी।
वार्ड में भर्ती जच्चा उर्मिला पत्नी जितेंद्र उम्र 34 साल शुक्रवार को प्रसव पीड़ा के चलते भर्ती हुई थीं। शुक्रवार को उर्मिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। वह बुधवार को अपने बच्चे के साथ पलंग पर लेटी हुई थीं। पलंग के बगल से उर्मिला के पिता त्रिलोक सिंह बैठे हुए थे। त्रिलोक का कहना है कि शाम के समय अचानक से छत का प्लास्टर गिरा, जिससे उर्मिला व मुझे चोट आई, हालांकि इस हादसे में बच्चा बच गया।
नर्स ने नॉर्मल डिलेवरी के वसूले दो हजार रुपयेः त्रिलोक सिंह का आरोप था कि अस्पताल में भर्ती होने पर नर्स ने उनके सामने दो हजार रुपये की मांग रखते हुए कहा कि यदि पैसा नहीं दोगे तो ऑपरेशन होगा। यदि दो हजार दोगे तो नॉर्मल डिलेवरी कराई जाएगी। मजबूरी में दो हजार देने पड़े तब उन्होंने मेरी बेटी की डिलेवरी कराई। हर मरीज से यह ब्लैक मेल कर पैसा एंठने का काम होता है।
वर्जन-
कुछ काम चल रहा था तभी फाल सीलिंग गिर गई। हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ। मैंने संबंधित विभाग को आदेश जारी कर दिया है कि सभी भवनों का निरीक्षण कर इस तरह की परेशानियों का निराकरण करें। मरीज से पैसा मांगा गया तो यदि इसकी शिकायत आती है तो मैं कार्रवाई करूंगा।
डा. आरकेएस धाकड़, अधीक्षक जेएएच