• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • ग्वालियर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Gwalior Health News: एक साल में भी खत्म नहीं हुआ इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड का इंतजार

Gwalior Health News: अंचल के सबसे बड़े अस्पताल जेएएच में मरीजों को बेहतर सुविधा देने के प्लान बनाए जाते हैं, लेकिन वह पूरे नहीं हो पाते। इमरजेंसी वार्...और पढ़ें

By anil tomarEdited By: anil tomar
Publish Date: Fri, 08 Mar 2024 10:23:07 AM (IST)Updated Date: Fri, 08 Mar 2024 10:23:07 AM (IST)
Gwalior Health News: एक साल में भी खत्म नहीं हुआ इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड का इंतजार

HighLights

  1. अब तक पूरा नहीं हो सका मेडिसिन वार्ड का काम
  2. जल्द ही इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड शुरू होगा और मरीजों को बेहतर उपचार मिलेगा

Gwalior Health News: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। अंचल के सबसे बड़े अस्पताल जेएएच में मरीजों को बेहतर सुविधा देने के प्लान बनाए जाते हैं, लेकिन वह पूरे नहीं हो पाते। इमरजेंसी वार्ड को लेकर प्रबंधन द्वारा घोषणा की गई थी कि यह जल्द शुरु हो जाएगा, लेकिन एक साल बाद भी प्रबंधन वार्ड शुरु नहीं कर पाया है। इस कारण मरीज परेशानी झेल रहे हैं। इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के प्रभारी डा. जितेन्द्र अग्रवाल का कहना है कि जल्द ही इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड शुरू होगा और मरीजों को बेहतर उपचार मिलेगा।

वर्तमान में इमरजेंसी व्यवस्था काफी बदतर है। आकस्मिक उपचार केन्द्र की बात की जाए तो यहां इमरजेंसी के अलावा दुर्घटना केस भी पहुंचते हैं। दुर्घटना में घायल मरीजों के लिए तो ट्रॉमा सेंटर बना है, लेकिन अन्य बीमारियों के मरीजों को यहां से दूसरे वार्ड में रेफर कर दिया जाता है, जबकि इन मरीजों को भर्ती करने के लिए आकस्मिक कक्ष के सामने वार्ड बना है यहां पलंग भी डले हैं। लेकिन मरीजों को यहां भर्ती नहीं किया जाता। जेएएच प्रबंधन के दावों की बात की जाए तो इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड में मरीजों को एम्स जैसी सुविधाएं मिलने वाली थीं। यहां पर मरीजों के लिए 40 पलंग डाले जाने थे, इसके साथ ही कंसल्टेंट आन काल उपचार के लिए उपलब्ध रहते और पीजी व एसआर यहां पर मरीजों के उपचार के लिए तैनात रहते, लेकिन अब तक प्रबंधन वार्ड तक तैयार नहीं कर पाया है।


इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड मरीजों को जल्द उपलब्ध कराया जाएगा। यहां मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इसके लिए कुछ मशीनें भी आ गई हैं, पलंग भी आ चुके हैं।

डा. जितेन्द्र अग्रवाल, प्रभारी, इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड, जेएएच