
Gwalior Health News: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। अंचल के सबसे बड़े अस्पताल जेएएच में मरीजों को बेहतर सुविधा देने के प्लान बनाए जाते हैं, लेकिन वह पूरे नहीं हो पाते। इमरजेंसी वार्ड को लेकर प्रबंधन द्वारा घोषणा की गई थी कि यह जल्द शुरु हो जाएगा, लेकिन एक साल बाद भी प्रबंधन वार्ड शुरु नहीं कर पाया है। इस कारण मरीज परेशानी झेल रहे हैं। इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के प्रभारी डा. जितेन्द्र अग्रवाल का कहना है कि जल्द ही इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड शुरू होगा और मरीजों को बेहतर उपचार मिलेगा।
वर्तमान में इमरजेंसी व्यवस्था काफी बदतर है। आकस्मिक उपचार केन्द्र की बात की जाए तो यहां इमरजेंसी के अलावा दुर्घटना केस भी पहुंचते हैं। दुर्घटना में घायल मरीजों के लिए तो ट्रॉमा सेंटर बना है, लेकिन अन्य बीमारियों के मरीजों को यहां से दूसरे वार्ड में रेफर कर दिया जाता है, जबकि इन मरीजों को भर्ती करने के लिए आकस्मिक कक्ष के सामने वार्ड बना है यहां पलंग भी डले हैं। लेकिन मरीजों को यहां भर्ती नहीं किया जाता। जेएएच प्रबंधन के दावों की बात की जाए तो इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड में मरीजों को एम्स जैसी सुविधाएं मिलने वाली थीं। यहां पर मरीजों के लिए 40 पलंग डाले जाने थे, इसके साथ ही कंसल्टेंट आन काल उपचार के लिए उपलब्ध रहते और पीजी व एसआर यहां पर मरीजों के उपचार के लिए तैनात रहते, लेकिन अब तक प्रबंधन वार्ड तक तैयार नहीं कर पाया है।
इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड मरीजों को जल्द उपलब्ध कराया जाएगा। यहां मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इसके लिए कुछ मशीनें भी आ गई हैं, पलंग भी आ चुके हैं।
डा. जितेन्द्र अग्रवाल, प्रभारी, इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड, जेएएच