
Gwalior Health News: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। गले में संक्रमण के चलते एक महिला लिंक अस्पताल में भर्ती हुई। जहां पर डाक्टरों ने उसका गलत इलाज कर दिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। बाद में पता चला कि दो मरीजों के आपस में पर्चे बदलने से इलाज गलत हो गया। पीड़ित ने इसकी शिकायत कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह से की है। जिसमें आरोप लगाया कि गलत इलाज देने के साथ अस्पताल प्रबंधन ने उसके आयुष्मान कार्ड से दो लाख रुपये निकाल लिए। आयुष्मान से जो पैसा निकाला गया उससे दूसरे मरीज का इलाज किया गया।
चिकघोघा डबरा निवासी रामदीन मंडेलिया ने शिकायत करते हुए बताया कि उसकी 24 वर्षीय भतीजी राजकुमारी पत्नी पूरन सिंह निवासी सालवई को गले में संक्रमण था। जिसके चलते उसे 15 दिन पहले शिवपुरी लिंक रोड स्थित लिंक अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डा आशीष बांदिल ने उसे इलाज दिया, लेकिन स्वास्थ्य में कोई सुधार न होते हुए हालत और खराब होने लगी तो पता चला कि जिस वार्ड में राजकुमारी भर्ती है, उसी वार्ड में एक अन्य महिला किडनी की समस्या के चलते भर्ती थी। इन दोनों की फाइल बदल गई, जिससे राजकुमारी को किडनी का उपचार दिया गया और दूसरी महिला का गले का इलाज चला। पूरन सिंह का कहना है कि जिसके बाद मैंने अपनी पत्नी को अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर बिरला में भर्ती किया। जहां दो दिन उपचार चला अब मरीज घर पर ही है। हालत खराब होने से डाक्टर भी उपचार देने से कतरा रहे हैं।
वर्जन-
मरीज का इलाज सही हुआ है, कहीं कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। मरीज को जब डिस्चार्ज किया गया तब अटेंडेंट गलती से दूसरे मरीज की रिपोर्ट अपने साथ ले गया, जबकि डिस्चार्ज कार्ड मरीज को दिया गया, जिसमें जो भी उपचार अस्पताल में चला, उसकी पूरी जानकारी उसमें लिखी हुई है।
डा प्रशांत लहारिया डायरेक्टर लिंक हास्पिटल