
Gwalior Health News: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। हर दिन बदल रहा मौसम का मानव शरीर पर बुरा असर पड़ रहा है। उससे भी अधिक बुरा असर बाहर के मिलावटी खान पान से हो रहा है। जिसके कारण पेट,हाथ,पैर, सिर में दर्द की शिकायत के मरीज जेएएच की ओपीडी में पहुंच रहे हैं।दिन में गर्मी और रात में ठंडक से बदल रहे तापमान का बुरा असर शरीर पर भी पड़ रहा है। क्योंकि शरीर का तापमान इतनी जल्दी न बदल पाने के कारण सर्दी,जुकाम, बुखार की शिकायत बढ़ रही है। इस वक्त सबसे बड़ी समस्या टाइफाइड और खांसी बनी हुई है। क्योंकि यह बीमारी लंबे समय तक मरीज काे परेशान कर रही है।
डॉक्टर डा देवेन्द्र शर्मा के मुताबिक मरीज पर टेबलेट का असर भी नहीं आ रहा है,इसलिए इंजेक्टेबल दवा देनी पड़ रही है। लोग टाइफाइड की शिकायत लेकर आ रहे मरीज सर्वाधिक पेट दर्द की शिकायत लेकर आ रहे। बुखार भी लंबे समय तक रह रहा है। गजब की बात यह है कि टेबलेट से बुखार नहीं टूटता इसलिए इंजेक्शन से दवा देनी पड़ रही है।यह बदलाव इस बार अधिक मरीजों में देखा जा रहा है। उसका कारण यह भी हो सकता है कि मरीज पर अब एंटीबायोटिक का असर नहीं हो रहा है। इस वक्त सर्वाधिक मरीज इस वक्त सर्दी,खांसी,जुकाम,बुखार व गले में खरास के साथ टोंसिल आदि की शिकायत लेकर आ रहे हैं। पर इस बार खांसी व खरास की समस्या लंबे समय तक रह रही है।कई लोगों को 20 से 25 दिन तक दवा खाने पर इस समस्या से छुटकरा मिल पा रहा है। यह सब मौसम में हुए बदलाव के कारण हो रहा है। बुखार व गले में खरास से बचने के लिए बाहर का खराब खान पान न करें, एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन ना करें, गला साफ रखें और गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करें। यदि आप बीमार हैं तो बिना डाक्टर के परामर्श के दवा का सेवन न करें,डोज पूरा लें और बाहर का मिलावटी व गंदा खान-पान न खाएं,खासकर पानी की टिक्की इस मौसम में बिल्कुल न पिएं।