Gwalior Loot News: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। शहर के अंदर लूट की ताबड़तोड़ वारदातों के बाद अब डकैती का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना पनिहार के जंगल में हुई है। जहां आधी रात को चार हथियारबंद बदमाश पहुंचे। इन लोगों ने यहां सो रहे 18 मजदूरों को पहले तो बंदूक की नोक पर पीटा, फिर इनको बंधक बना लिया। सभी को पेड़ से बांध दिया और मुंह कंबल से ढंक दिया। दो बदमाश ट्रैक्टर ट्राली और सीमेंट की बोरियां लूट ले गए, जबकि दो बदमाश यहीं रुके रहे। रात में मजदूरों का ही बचा खाना खाया और फिर इन्हें पीटा भी। तड़के 4 बजे यह दोनों भी भाग गए। सुबह जब सुपरवाइजर यहां आया तब मजदूर पेड़ से बंधे हुए थे। उसने हाथ-पैर खोले, इसके बाद पुलिस को सूचना दी। लूटे माल की कीमत पांच लाख रुपये बताई गई है। जिन मजदूरों के साथ यह घटना हुई, उसमें पांच महिलाएं भी शामिल हैं। डकैती की सूचना मिलने पर एसडीओपी घाटीगांव संतोष पटेल फोर्स के साथ पहुंचे। मजदूरों के बयान लिए। दिनभर जंगल में सर्चिंग चलती रही। डकैत गुड्डा गुर्जर के बाद अब घाटीगांव के जंगलों में बदमाशों की आहट से पुलिस परेशान है, क्योंकि पनिहार, घाटीगांव, भंवरपुरा के जंगल कुख्यात डकैतों के ठिकाने रहे हैं इसलिए यहां रात में भी पहरा बढ़ा दिया गया है।
18 मजदूरों को दो-दो के जोड़े से एक-एक पेड़ से बांध दिया
हम लोग ठेकेदार बंटी त्यागी के लिए काम करते हैं। पनिहार के करसैर गांव में रायपुर बांध के पास 18 कमरों की हवेली नाम से एक बिल्डिंग है। यह बिलकुल जंगल में है। यहां डेरा डाला हुआ था, क्योंकि पास ही में निर्माण कार्य चल रहा है, जहां हम काम कर रहे हैं। पास में नहर बन रही है, जहां हमें काम मिला है। शाम को काम खत्म कर सभी मजदूरों ने खाना बनाया, इसके बाद सभी सो गए। कोई पेड़ के नीचे था, कोई भवन के पास था। रात 1 बजे की बात होगी, मैं जेसीबी की छत पर लेटा था और मोबाइल चला रहा था। हम कुल 18 लोग हैं। इसी दौरान अचानक मुंह पर कपड़ा बांधे चार बदमाश आए। मैं मोबाइल चला ही रहा था, तभी एक बदमाश चढ़ आया। मुझे आहट तक सुनाई नहीं दी। उसने मेरा मुंह बंद कर लिया, फिर मेरा मोबाइल छीना और बंदूक दिखाकर डराया। मैं घबरा गया, उसके तीन साथी नीचे थे। एक-एक कर पीटना शुरू कर दिया। इनके पास हथियार था, इसलिए डर गए। हम 18 मजदूरों को दो-दो के जोड़े से एक-एक पेड़ से बांध दिया। पहले हाथ-पैर बांधे, फिर मुंह कंबल से ढंक दिया। हम मजदूरों के पास कुल 8 मोबाइल थे, यह छीन लिए। फिर दो बदमाश रात करीब 2 बजे ट्रैक्टर ट्राली और सीमेंट की बोरियां लूट ले गए और दो बदमाश यहीं पर रुके थे। रात में बदमाशों ने खाना खाया। रात में एक सब्जी भी बनवाई, फिर सुबह करीब 4 बजे यह दोनों भी भाग गए। सुपरवाइजर संजय घुरैया जब आया, तब उसने हमें देखा। इसके बाद हाथ-पैर खोले, फिर पुलिस को सूचना दी। रातभर हम डरे-सहमे रहे। एक पल को लगा, कहीं ये लोग मार न डालें।
अनिल जाटव निवासी बिजौली -जैसा कि उसने नईदुनिया को बताया
एसडीओपी संतोष पटेल मजदूरों से घटना की जानकारी लेने दोपहर में पहुंचे। जब उन्होंने पूछा तो मजदूर बोले- बदमाशों के पहनावे और बातचीत से गांव के ही लग रहे थे। एक ने खाकी पेंट पहना था।
बदमाशों ने पहले तो 8 मोबाइल भी लूट लिए। लेकिन बदमाशों को बाद में समझ आया कि मोबाइल के जरिये उनकी लोकेशन ट्रैस हो सकती है, इसलिए यह लोग एक सीमेंट की बोरी के नीचे ही मोबाइल छिपाकर भाग गए।
पुलिस को घटनास्थल पर अलीगढ़ का रहने वाला बबलू जोन, निहार सिंह बंजारा, अर्जुन सिंह, दयाराम बंजारा, रामवीर लोधी, इशाक खान, परमाल बंजारा, प्रदीप व 3 महिलाएं मिली, इनके अलावा जो मजदूर थे, वह डर के कारण गांव छोड़कर भाग गए।