ग्वालियर में पत्नी की मौत के 22 दिन बाद युवक ने लगाई फांसी, पुलिस और ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना का आरोप
पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराकर स्वजनों के सुपुर्द कर दिया है।
Publish Date: Sun, 01 Nov 2026 09:47:47 AM (IST)Updated Date: Sun, 01 Nov 2026 09:48:13 AM (IST)
HighLights
- इंदरगंज इलाके की घटना
- थाने में पूछताछ के बाद सुसाइड
- बेटे ने लगाए गंभीर आरोप
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर के इंदरगंज स्थित कुम्हारों का मोहल्ला में एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसकी पत्नी 22 दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में गिर पड़ी थी, इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। मृतका के मायके वाले युवक पर धक्का देने का आरोप लगा रहे थे। इसके चलते इंदरगंज पुलिस ने शुक्रवार को उसे थाने में पूछताछ के लिए बुलाया गया था।
अब युवक के स्वजन का आरोप है कि उसने पुलिस और ससुराल पक्ष की प्रताड़ना से तंग आकर जान दी है। फिलहाल पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराकर स्वजनों के सुपुर्द कर दिया है।
15 साल पहले हुई थी संतोष की प्रीति से शादी
कुम्हारों का मोहल्ला निवासी संतोष वर्मा की शादी 15 वर्ष पहले प्रीति वर्मा से हुई थी। बीते नौ अक्टूबर को प्रीति संदिग्ध परिस्थितियों में छत से नीचे गिरी थी। उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद प्रीति के मायके वाले संतोष पर आरोप लगा रहे थे। इनका कहना था कि संतोष उसे प्रताड़ित करता था, उसी ने छत से धक्का दिया है। जिसके चलते उसकी मौत हो गई। प्रीति के मायके वालों ने पुलिस अधिकारियों से भी संतोष के खिलाफ शिकायत की थी।
इंदरगंज थाना पुलिस ने केस किया दर्ज
इंदरगंज थाना पुलिस ने मर्ग कायम किया था। इसके चलते संतोष के बयान दर्ज होने थे। संतोष और उसके स्वजनों को शुक्रवार को थाने बुलाया गया था। इसके बाद वह घर पहुंचा और उसने फांसी लगा ली। संतोष के स्वजन का कहना है कि उसे इंदरगंज थाना पुलिस और ससुराल वाले लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। इससे वह परेशान था। इसके चलते ही उसने आत्महत्या की है।
बेटे का आरोप-थाने में हुई मारपीट, रात में दी जान
संतोष और प्रीति की शादी के दो साल बाद बेटे का जन्म हुआ था। इनका बेटा वंश 13 वर्ष का है। मृतक के बेटे वंश वर्मा ने आरोप लगाया है कि थाने में पूछताछ के दौरान पुलिसकर्मियों ने उसके पिता के साथ जमकर मारपीट की। रात करीब 11 बजे पुलिस ने संतोष को छोड़ा। घर लौटने और खाना खाने के बाद देर रात संतोष ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में गए और फंदे से लटक गए। सुबह जब स्वजन कमरे में पहुंचे, तो घटना का पता चला।
वंश का यह भी कहना है कि मां की मौत के बाद से ही उसके ननिहाल पक्ष के लोग उसके पिता को लगातार धमकियां दे रहे थे। वहीं पुलिस की मारपीट से वे मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुके थे।
युवक की पत्नी की 9 अक्टूबर को छत से गिरकर मौत हुई थी। मायके पक्ष ने आरोप लगाए थे, इसलिए बयान के लिए थाने बुलाया था। मर्ग कायम हुआ है। मर्ग जांच में बयान करने ही होते हैं, इसलिए थाने बुलाया गया था। मारपीट के आरोप पूरी तरह गलत हैं। पूछताछ करने के बाद छोड़ दिया था। - दीप्ति तोमर, थाना प्रभारी, इंदरगंज।