• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • ग्वालियर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 27, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एनआइसी से जुड़ेगा परिवहन विभाग, कर चोरी रुकेगी, फायदा बढ़ेगा

ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। वाहन डीलरों की कर चोरी रोकने के लिए परिवहन विभाग अब एनआइसी (नेशनल इन्फार्मेटिक्स सेंटर) के नेटवर्क से जुड़ेगा। इस नेटवर्...और पढ़ें

By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Tue, 27 Oct 2020 04:00:37 AM (IST)Updated Date: Tue, 27 Oct 2020 04:00:37 AM (IST)
एनआइसी से जुड़ेगा परिवहन विभाग, कर चोरी रुकेगी, फायदा बढ़ेगा

ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। वाहन डीलरों की कर चोरी रोकने के लिए परिवहन विभाग अब एनआइसी (नेशनल इन्फार्मेटिक्स सेंटर) के नेटवर्क से जुड़ेगा। इस नेटवर्क से जुड़ने से वाहनों की कीमत स्वतः परिवहन विभाग के सॉफ्टवेयर में अपडेट हो जाएगी। विभाग को सालाना 150 करोड़ रुपये का फायदा होने का अनुमान है। इससे वाहन रजिस्ट्रेशन पर होने वाली कर चोरी पर रोक लगेगी। अभी विभाग को बड़े जिले से 10 व छोटे जिलों से तीन से पांच करोड़ रुपये का सालाना नुकसान हो रहा है।

दरअसल, विभाग के सिस्टम में वाहनों की कीमत समय पर अपडेट नहीं होने से डीलर खरीदार से तो नई कीमत वसूल लेता है, लेकिन विभाग को पुरानी कीमत पर ही टैक्स देता है। डीलर एक वाहन पर 5 से 15 हजार रुपये तक बचा लेता है, इसलिए विभाग कर चोरी रोकने के लिए सिस्टम में बदलाव कर रहा है। एनआईसी नेटवर्क से जुड़ने पर जैसे ही नया वाहन बाजार में आएगा, वैसे ही सिस्टम में दरें अपडेट हो जाएंगी।


सिस्टम बदलना इसलिए जरूरी

- कोई कंपनी गाड़ी के मॉडल में बदलाव करती है। भाड़े सहित अन्य वजहों से हर प्रदेश व जिलों में दर अलग अलग होती है। विभाग में समय पर साफ्टवेयर में दरें अपडेट नहीं हो पाती थीं।

- अभी साल में एक बार या दो बार ही विभाग के सर्वर में वाहनों की कीमत अपडेट होती हैं। इसी का फायदा डीलर उठाते हैं।

- डीलर विभाग के कर्मचारियों व अफसरों से साठगांठ से टैक्स का काफी पैसे बचा लेते थे। विभाग में भी संबंधित कंपनी की वेबसाइट से दरों का मिलान नहीं किया जाता था।

वर्जन

वाहन के रजिस्ट्रेशन कार्य को एनआइसी नेटवर्क से जोड़ रहे हैं। इससे विभाग को सालाना 150 करोड़ रुपये तक के टैक्स का फायदा होगा। अभी यह टैक्स डीलरों के पास रह जाता था।

-अरविंद सक्सेना, अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन)

वाहनों की कीमत फीडिंग एक निजी कंपनी करती है, इसलिए दरें समय पर अपडेट नहीं होती। मैंने अपने समय कर चोरी के कई मामले पकड़े थे। विभाग के अफसर व कर्मचारी निजी कंपनी का बहाना कर बचाव कर लेते थे। विभाग एनआइसी पर आ रहा है, इससे विभाग को फायदा होगा।

-अशोक निगम, सेवा निवृत्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी