यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Gwalior News: 94 साल की वृद्ध मां ने इस तरह बचाई 64 वर्षीय बेटे की जान, पढ़िये पूरी खबर
तकनीक से बेटे की सांसें लौट आईं। उसके बाद पड़ोसियों की सहायता से बेटे को जयारोग्य अस्पताल के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया।
By Hemant Kumar UpadhyayEdited By: Hemant Kumar Upadhyay
Publish Date: Sun, 03 Mar 2024 06:40:01 AM (IST)Updated Date: Sun, 03 Mar 2024 06:40:01 AM (IST)
HighLights
- बारिश से मकान की दीवार गिरने से दब गया था 64 वर्षीय बेटा
- मां ने पहले तो सूझबूझ से बेटे को बाहर निकाला
- उसकी थमती सांसों को वापस लेकर आने के बाद मुंह से हवा देने के साथ छाती पर पंपिंग की।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर । 94 साल की वृद्ध मां ने दीवार के नीचे दबे बेटे की जान बचा ली। शुक्रवार को बारिश से मकान की दीवार गिरने पर 64 वर्षीय बेटा दब गया था। मां ने पहले तो सूझबूझ से उसे बाहर निकाला और उसके बाद उसकी थमती सांसों को वापस लेकर आने के बाद मुंह से हवा देने के साथ छाती पर पंपिंग की।
मेडिकल की भाषा में सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) कही जाने वाली इस तकनीक से बेटे की सांसें लौट आईं। उसके बाद पड़ोसियों की सहायता से बेटे को जयारोग्य अस्पताल के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया।
घटना के अनुसार राक्सी पुल के पास एक मकान की दीवार गिर गई। इस दौरान किरार ठाकुरों का मोहल्ला निवासी भगवत स्वरूप श्रीवास्तव तबीयत ठीक नहीं होने चलते धूप सेंक रहे थे। दीवार भरभरा उनके ऊपर आ गिरी।
ऐसे में 94 साल की मां शकुन्तला श्रीवास्तव ने जब बेटे भगवत स्वरूप को दीवार के नीचे दबा देखा तो उन्होंने सूझबूझ से दीवार के मलबे में फंसे बेटे को बाहर निकाला। इस दौरान बेटे की सांसे थम सी गई थीं, लेकिन मां शकुनतला ने हिम्मत नहीं हारी और मुंह से हवा देने के साथ छाती को पंपिंग कर दबाया। जिससे भगवत स्वरूप की सांसे वापस आ गई है और जान बच गई।
हादसे के बाद घायल मां बेटे को उपचार लिए अस्पताल में भर्ती कराया, क्योंकि बेटे को बचाने के दौरान वृद्ध महिला के हाथ में फैक्चर हो गया था। पीड़ित परिवार ने संबंधित थाना प्रभारी एवं क्षेत्रीय अधिकारी नगर निगम को दीवार गिरने के संबंध में शिकायती आवेदन दिया है।