
Gwalior News: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। ग्वालियर में पुलिसिंग का एक ऐसा चेहरा देखने को मिला, जिसने जुए और शराब की लत से बर्बादी की कगार पर पहुंच चुके परिवारों को बचा लिया। पुलिस ने इन पर सख्ती करते हुए पकड़ा, फिर इन पर एफआइआर दर्ज की। लगातार कार्रवाई से इनमें दहशत भर गई और अब यह लोग जुआ नहीं खेल रहे। आसपास शराब की दुकान नहीं थी तो अवैध शराब बेचने वाले तस्कर से शराब खरीदकर पीते थे। पुलिस ने इसे भी पकड़ लिया और जेल भेज दिया। अब जुआ और शराब की लत छूट गई तो जो पैसा कमाते हैं, वह घर जाकर पत्नी को देते हैं। पुलिस के डर से बुरी आदतें छूटने लगी हैं, इसी के चलते बुधवार को बिजौली थाने में आसपास के गांव की महिलाएं पहुंची। महिलाओं ने महिला आइपीएस अनु बेनीवाल को धन्यवाद दिया और कहा कि उन्होंने उनका परिवार बचा लिया। घर में पति की जुआ, शराब की लत के कारण खाने तक के लाले थे अब पुलिस के डर से यह आदत छूट गई तो घर में खुशहाली आ गई है।
अभी बिजौली थाने की कमान प्रशिक्षु आइपीएस अनु बेनीवाल संभाल रही हैं। उन्होंने यहां एक के बाद एक लगातार जुए के अड्डों पर दबिश दी। जुआ खिलाने वालों पर एफआइआर की, इन्हें अवैध हथियारों के साथ पकड़कर जेल भेजा। इससे अब गांव में जुए की फड़ लगना बंद हो गई। ठिकाने बदल-बदलकर जुए की फड़् लगाने वालों पर सख्ती हो गई है तो अब गांव के जिन किसान, मजदूरों को जुए की लत थी, वह घर में ही रह रहे हैं। बिजौली थाने की हद में करीब 60 गांव आते हैं। यहां एक भी देशी शराब की दुकान नहीं है, इसके चलते बड़ागांव में रहने वाले सगे भाई पवन यादव और अजय यादव अवैध शराब बेचते थे। इन्हें 54 लीटर अवैध शराब के साथ पकड़ा और अवैध शराब का काला कारोबार बंद करा दिया। अब आसानी से अवैध शराब मिलना बंद हो गई तो पैसा कमाते ही घर पर देने की बजाय शराब पीने वाले किसान, मजदूर व अन्य लोग घर पर पैसा दे रहे हैं। शराब के कारण महिलाओं को परिवार पालने में जो परेशानी हो रही थी, वह दूर हो गई। महिलाएं इकठ्ठी होकर थाने पहुंची और आइपीएस अनु बेनीवाल को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा इस कार्रवाई ने उनका परिवार बचा लिया। जब जुआ और अवैध शराब के अड्डे ही नहीं चलेंगे तो लत कैसे लगेगी।
अब उनके बच्चे सुधर जाएंगे: दो युवकों को अवैध हथियार के साथ पुलिस ने पकड़ा था। इनके माता-पिता थाने पहुंचे और बोले कि काफी समझाने के बाद भी यह लोग नहीं मानते थे। अब जेल गए हैं तो यह सुधर जाएंगे और परिवार पर ध्यान देंगे।
जब इस तरह की कार्रवाई से किसी का परिवार बच जाता है तो लगता है कुछ तो समाज के लिए किया। पुलिस का काम अपराधियों पर नकेल कसने के साथ सामाजिक बुराईयों के खिलाफ भी काम करना है। इस तरह की कार्रवाई सुकून देती हैं। महिलाएं मिलने के लिए थाने आई थीं, उन्होंने कहा- परिवार में जुआ-शराब की लत से खाने के लाले थे, अब खुशियां लौटने लगी हैं।
अनु बेनीवाल, प्रशिक्षु आइपीएस