ग्वालियर-मुरैना के बीच परमिट की 160 बसें संचालित होती हैं-
अंतर्राज्यीय बस स्टैंड से - 120
मानसिक आरोग्यशाला से --- 40(महानगरीय परमिट)
दूसरे स्टेट के बसें --- 25(यह बसें मुरैना से निकलती हैं)
बसें संचालित नहीं करने के यह कारण गिनाएं-
- जिस ग्राउंड से बसें संचालित किया जाने के लिए तय किया जा रहा है वह प्राइवेट हैं-
-जाम बसों से नहीं टेंपो व ठेले वालों से लगता है।
- अंतर्राज्यीय बस स्टैंड से निकलने के बाद मुरैना जाने वाली बसें मेला ग्राउंड के पीछे से निकालते हैं, जहां जाम नहीं लगता है।
- निर्धारित बस स्टैंड पर जनसुविधाएं नहीं हैं, जबकि परमिट में नगर निगम उनसे यात्रियों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 750 रुपये प्रतिमाह वसूलता है।
- नियमानुसार बस स्टैंड स्टेशन के पास होना चाहिए।
- रात्रि में महिला यात्रियों को गोला का मंदिर जाने व आने में परेशानी होगी, सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं।
बसें भी निर्धारित मापदंडों से संचालित की जाएं-
एडीएम किशोर कन्याल व एएसपी पंकज पांडे ने बस आपरेटरों से अनुरोध किया कि शहर के विकास को नई दिशा देने के लिए आप लोगों का सहयोग जरूरी है। आप लोग भी निर्धारित मापदंड़ों से बसों से संचालित करें। बसों में साफ-सफाई रखें। यात्रियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएं।
- ग्वालियर-मुरैना के टिकिट से ज्यादा आटो वाले यात्री से वसूलेंगें।
वीडियो कोच बसें पहले दिन नए बस स्टैंड से संचालित नहीं हो पाई-
संभागीय आयुक्त आशीष सक्सेना व आइजी अविनाश शर्मा सिटी बस से गुरुवार को शहर में भ्रमण करने के बाद शुक्रवार से वीडियो कोच बसें झांसी रोड बस स्टैंड से संचालित करने का निर्णय लिया था। ट्रैफिक पुलिस ने भी दावा किया था कि शुक्रवार की रात से वीडियो कोच बसें झांसी रोड से अपने गंतव्य के लिए रवाना होंगीं। नगर निगम ने सुबह अस्थायी टायलेट को नए बस स्टैंड के ग्राउंड में रखवा दिया। झाड़ियां काटकर मैदान में पड़ी छोड़ दी। जो कि देर रात तक मेन गेट पर पड़ी थी। जिसके कारण आज से वीडियो कोच बसें यहां से संचालित नहीं हो पाई। डीएसपी ट्रैफिक नरेश अन्नाोटिया ने बताया कि ग्राउंड की साफ-सफाई नहीं होने के कारण आज वीडियो कोच बसें झांसी रोड से संचालित नहीं हो पाईं हैं।