
Gwalior News: ग्वालियर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। लक्ष्मीगंज स्थित मुक्तिधाम पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था न होने की समस्या से जूझ रहे हैं। यह स्थिति एक मुक्तिधाम की नहीं है, अन्य समाज के मुक्तिधाम में भी पर्याप्त बिज ली व्यवस्था न होने से अंतिम संस्कार के लिए पहुंचने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। नगर निगम के जिम्मेदार मुक्तिधामों में बिजली संकट को दूर करने के कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। ऐसे में शाम के समय मुक्तिधामों में पर्याप्त प्रकाश न होने के कारण लोग परेशान होते हैं।
वार्ड 37 में लक्ष्मीगंज मुक्तिधाम, जैन मुक्तिधाम, महाराष्ट्रीयन और मराठा समाज के मुक्तिधाम है। यहां बैठने से लेकर पानी सहित अन्य व्यवस्थाएं बेहतर हैं, लेकिन अपर्याप्त प्रकाश व्यवस्था लोगों को दिक्कत दे रही है। लक्ष्मीगंज मुक्तिधाम में बिजली व्यवस्था के लिए हाइमास्ट लगा हुआ है, लेकिन चार में से दो लाइट खराब होने से पूरे मुक्तिधाम में उजाला नहीं हो पा रहा है। मुक्तिधाम में तैनात कर्मचारी नगर निगम से यहां बी स लाइट लगाए जाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन उनकी यह मांग अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। कर्मचारी ने बताया कि एलइडी लाइट जल्द खराब हो जाती हैं। ऐसे में उन्हें बार-बार बदलने की शिकायत करनी पड़ती है। मराठा मुक्तिधाम में लगे हाइमास्ट की दो लाइट ही जलती हैं।
शहर सहित ग्रामीण अंचल में डाग बाइट के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। श्वान के आतंक से लोग परेशान हैं। बच्चों की तो जान पर बन आती है। बीते रोज एक छात्रा को श्वान से हमला कर घायल किया था। गुरुवार को जयारोग्य अस्पताल में 24 घंटे में श्वान द्वारा काटे 27 मरीज रैबीज इंजेक्शन के लिए पहुंचे। जयारोग्य में हर दिन 20-25 के करीब श्वान से काटने मामले आ रहे हैं। श्वान के आंतक से पैदल चलने वाले लोगों के साथ दोपहिया वाहन चालक भी परेशान हैं। श्वान दोपहिया वाहन के पीछे भी लपकते हैं, जिसके कारण कई बार चालक गिरकर जख्मी हो जाते हैं। रात के समय श्वान का आंतक ज्यादा देखने को मिलता है। लोगों ने बताया कि श्वानों के कारण रात के समय घरों के बाहर निकलने में डर लगता है। इसके बाद भी जिम्मेदार श्वान को लेकर गंभीर नहीं है।