
Gwalior News: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। किन परिस्थितियों में एक 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला सरस्वती देवी ने आत्महत्या की थी इस बात का खुलासा 16 महीने बाद हुआ है। तिजोरी में रखे एक बैग से निकली पर्ची ने सारे राज खोल दिए । पांच लाइनों के सुसाइड नोट में बुजुर्ग महिला ने अपनी बेटी - दामाद सहित एक अन्य व्यक्ति पर उसे आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। यह पूरा मामला गिरवाई थाना क्षेत्र के सिकंदर कंपू इमलीनाका इलाके का बताया जा रहा है जहां बुजुर्ग महिला ने 6 दिसंबर 2022 को जहरीली गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली थी । बुजुर्ग महिला के की मृत्यु के लगभग 8 महीने के बाद 30 जुलाई 2023 को उसके बेटे जितेंद्र को तिजोरी में एक बैग में चिठ्ठी मिली जिसमें पांच लाइन का सुसाइड़ नोट लिखा था। बेटा अपनी मां का सुसाइड़ नोट लेकर गिरवाई थाना पहुंचा और पुलिस को पूरी बात बताई। पुलिस ने उस सुसाइड नोट को हैंड राइटिंग एक्सपर्ट के पास भोपाल भेजकर उसकी जांच करवाई जिसकी रिपोट आने के बाद पुलिस ने 5 अप्रैल 2024 को आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
यह था मामला:
यह मामला गिरवाई थाना क्षेत्र के सिकंदर कंपू इमलीनाका इलाके का है जहां रहने वाली सरस्वती देवी ने 6 दिसंबर 2022 को गेहूं में रखने वाली जहरीली गोलियां खा कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। मौत की सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर अगले दिन पोस्टमार्टम कराया जिसमें मृत्यु का कारण सामने आया । पुलिस ने तमाम लोगों से पूछताछ की लेकिन असल कारण सामने नहीं आ सका न ही कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। जुलाई 2023 में जब बेटे को सुसाइड़ नोट मिला तो उसने पुलिस को सूचित किया। उस सुसाइड़ नोट में बुजुर्ग महिला ने लिखा था ‘मेरी बेटी प्रीती धाकड़,दामाद रामकिशोर और उसका परिचित सतीश यादव मकान और जमीन में हिस्सा मांग रहे हैं। वह मुझे धमकाते हैं , कहते हैं हिस्सा नहीं दिया ताे 20 लाख रुपए देना होंगे। उनकी धमकियों और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर अपनी जान दे रही हूं।’