नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। बहोड़ापुर इलाके में एक सिपाही की पत्नी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सिपाही अपनी पत्नी के शव को गांव ले गया, यहां अंतिम संस्कार भी कर दिया। जब मायके वालों को रिश्तेदारों ने बताया तब यह लोग गांव पहुंचे। आत्महत्या की जानकारी होने पर मायके वाले सीधे थाने पहुंच गए और महिला की हत्या का आरोप लगाया है।
मूल रूप से भिंड के एंडोरी का रहने वाला रामहरि गुर्जर मप्र पुलिस में सिपाही है। सिपाही की पोस्टिंग शहडोल में है और वह अभी छुट्टी पर आया था। बहोड़ापुर इलाके में उसने घर बनाया था, जहां उसकी पत्नी गायत्री की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इसके बाद उसके शव को रामहरि गुर्जर गुपचुप एंडोरी ले गया। वहां उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
एंडोरी में रहने वाले रिश्तेदारों को जब पता लगा कि गायत्री के मायके वालों को सूचित नहीं किया गया है तो इन लोगों ने मायके वालों को खबर दे दी। जब मायके वाले यहां पहुंचे तो अंतिम संस्कार हो चुका था। मायके वालों ने जब पूछताछ की, तो सिपाही ने बताया कि उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
मायके वालों ने मौत के बारे में न बताने की वजह पूछी तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद मायके पक्ष के लोग पहले भिंड पुलिस के पास फिर बहोड़ापुर थाने पहुंचे। बहोड़ापुर थाने की टीम भी यहां पहुंची। जब सिपाही से पूछताछ की गई तो वह बोला कि आत्महत्या कर ली थी, इसलिए अंतिम संस्कार करने के लिए ले गया।
गायत्री द्वारा बहोड़ापुर इलाके में आत्महत्या की गई थी। आत्महत्या करने की सूचना पुलिस को दी जानी थी। पुलिस इस मामले में मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम करवाती, लेकिन न पुलिस को सूचना दी न ही मायके वालों को सूचित किया गया। इसलिए इस मामले में संदेह बढ़ गया है।
बहोड़ापुर थाना प्रभारी जितेंद्र तोमर ने बताया कि गायत्री के माता-पिता की मौत उसी समय हो गई थी, जब वह तीन वर्ष की थी। उसके मामा ने पालन-पोषण किया। मामा ने ही सिपाही रामहरि गुर्जर से शादी की थी। शादी के बाद वह उसे परेशान करने लगा था।