ग्वालियर: PTS तिघरा की अनूठी पहल, 172 एकड़ का हरित आवरण दिलाएगा अंतरराष्ट्रीय पहचान; कार्बन क्रेडिट की कवायद शुरू
इसी सिलसिले में 'ग्रीन पाथ आर्गेनाइजेशन' की एक विशेष टीम ने पीटीएस तिघरा परिसर का दौरा किया। टीम ने यहां किए गए सघन पौधारोपण, जैव विविधता के संरक्षण औ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 18 Sep 2026 07:23:15 PM (IST)Updated Date: Fri, 18 Sep 2026 07:24:02 PM (IST)
पीटीएस तिघरा का फाइल फोटो।HighLights
- अंतरराष्ट्रीय मान्यता की ओर कदम
- 20 हेक्टेयर में फैला 'ग्रीन मॉडल'
- जल संरक्षण व जैव विविधता पर जोर
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर स्थित पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (पीटीएस) तिघरा में पर्यावरण संरक्षण को लेकर किए गए अभूतपूर्व प्रयास अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने जा रहे हैं। पीटीएस परिसर के 172 एकड़ विस्तृत क्षेत्र में लाखों पौधे रोपकर न केवल विशाल हरित आवरण तैयार किया गया है, बल्कि लुप्त हो चुकी स्थानीय जैव विविधता को पुनर्जीवित करने के लिए भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
इसको वैश्विक स्तर पर मान्यता दिलाने और संस्थान को 'कार्बन क्रेडिट' दिलवाने की कवायद तेज हो गई है। इसी सिलसिले में 'ग्रीन पाथ आर्गेनाइजेशन' की एक विशेष टीम ने पीटीएस तिघरा परिसर का दौरा किया। टीम ने यहां किए गए सघन पौधारोपण, जैव विविधता के संरक्षण और अन्य पहलों का भौतिक सत्यापन व वैज्ञानिक मूल्यांकन शुरू कर दिया है।
क्या होता है कार्बन क्रेडिट?
कार्बन क्रेडिट एक प्रकार का अंतरराष्ट्रीय परमिट या प्रमाण पत्र होता है, जो पर्यावरण से हानिकारक गैसों के उत्सर्जन को कम करने या कार्बन डाइआक्साइड को सोखने के बदले दिया जाता है।
20 हेक्टेयर में हवा शुद्ध, पीटीएस में है यह बगीचा
पीटीएस स्थित 20 हेक्टेयर में ऐसा बगीचा बनाया गया है, जहां अलग-अलग प्रजातियों के पौधे लगाए गए। इसमें से अधिकांश पौधे वह हैं जो हवा को शुद्ध करते हैं। कार्बनडाइ आक्साइड को सोखकर हवा में आक्सीजन बढ़ा देते हैं। यही बगीचा माडल बना है।
यहां त्रिवेणी यानि पीपल, नीम और बरगद को एक साथ कई समूह में लगाया गया है, जिसे ग्रीन पार्थ आर्गनाइजेशन के साउथ एशिया के हेड जय आनंद पीटीएस पहुंचे।
उन्होंने इस बगीचे का भ्रमण किया, फिर यहां पौधारोपण से लेकर पौधारोपण के वैज्ञानिक तरीके जाने। इसके बाद इसे कार्बन क्रेडिट के योग्य बताया, हालांकि यह क्षेत्र छोटा है। कार्बन क्रेडिट के लिए बड़ा क्षेत्र चाहिए, फिर भी इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
शहर में कई जगह ऐसे बगीचे की जरूरत
शहर में वायु प्रदूषण बढ़ा है। ऐसे में जानकारों का कहना है कि शहर में कई जगह ऐसे बगीचे होने चाहिए। जो कार्बन डाइआक्साइड को सोखकर हवा को शुद्ध कर सकें। वहीं पीटीएस तिघरा में वर्षा का जल संरक्षित करने के लिए भी प्रयास किए हैं। जगह-जगह चेक डैम बनाये गए और वाटर हार्वेस्टिंग की है।
कार्बन क्रेडिट के लिए ग्रीन पार्थ आर्गनाइजेशन की टीम ने विजिट किया है। बगीचा करीब 20 एकड़ में है, जिसमें कार्बनडाइ आक्साइड हवा से कम की जा रही है। यह बगीचा कार्बन क्रेडिट के योग्य है, लेकिन छोटा है। फिर भी प्रयास है, कार्बन क्रेडिट प्रमाण पत्र मिल जाए। - अखिलेश रैनवाल, एसपी, पीटीएस