Gwalior Railway News: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। ग्वालियर-इटावा रेलमार्ग पर इलेक्ट्रिक ट्रेनें शारदीय नवरात्र से दौड़ने लगेंगी। तीन साल में 90 करोड़ रुपये की लागत से 101 किलोमीटर की दूरी की यह लाइन ग्वालियर के बिरला नगर से इटावा के उदी मोड़ जंक्शन तक बनी है। बीते सप्ताह इंजीनियरों ने इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ाकर इस लाइन को हरी झंडी दिखा दी थी। अब रेल संरक्षा आयुक्त की अनुमति मिलते ही ट्रैक पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों का परिचालन शुरू हो जाएगा।

इटावा जंक्शन से बीते पांच वर्षो में तीन रेलवे ब्रांच लाइनों पर यात्री ट्रेनों का परिचालन शुरू हुआ। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित बटेश्वर-आगरा से इटावा रेल मार्ग पर 24 दिसंबर 2015 को, इसके बाद 27 फरवरी 2016 को ग्वालियर-भिंड-इटावा रेलमार्ग पर व 28 दिसंबर 2016 को इटावा-मैनपुरी रेलमार्ग पर डीजल इंजन की ट्रेनों का परिचालन शुरू हुआ। कुछ माह पूर्व आगरा-बटेश्वर रेल मार्ग पर इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनों का परिचालन शुरू हुआ। अब ग्वालियर-इटावा रेलमार्ग पर इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनों का परिचालन शुरू कराने की कवायद जोरों पर है। शारदीय नवरात्र में इस मार्ग पर इलेक्टि्रक ट्रेनों का परिचालन शुरू करने की तैयारी है।

जल्द रेल संरक्षा आयुक्त करेंगे निरीक्षण: सितंबर के अंतिम सप्ताह से रेल संरक्षा आयुक्त इस ग्वालियर-इटावा ट्रैक का निरीक्षण करेंगे। उनको जो खामियां मिलेंगी, उनको दूर कराकर अक्टूबर के प्रथम सप्ताह से इलेक्ट्रिक ट्रेनों का परिचालन शुरू हो जाएगा।

ट्रेनों के विस्तार की संभावना: इस रेल मार्ग पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों का परिचालन शुरू होने से यात्री ट्रेनों का विस्तार होने की संभावना बढ़ गई है। अभी तक ग्वालियर-झांसी, गुना और कोटा तक इस मार्ग पर यात्री ट्रेनें हैं। यहां से मुंबई, अहमदाबाद, भोपाल, इंदौर के लिए यात्री ट्रेनों का चलाए जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

एलएचबी कोच लगेंगे छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस मेंः रेलवे जल्द ही छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस को एलएचबी (लिंक हाफमैन बुश)कोच से सुसज्जित करने जा रही है। इससे किसी तरह की दुर्घटना में जान- माल की सुरक्षा हो सकेगी। असल में 2020 में छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में यह कोच लगाए जाने थे, पर कोविड के आने से यह कार्य नहीं हो सका। अब हालात सामान्य हेाते जा रहे हैं तो रेलवे अब उन गाड़ियों में एलएचबी कोच लगाने की प्रक्रिया तेज कर रही है, जिनमें कोरोना के चलते कोच नहीं लगाए जा सके थे। वर्तमान में छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस स्पेशल बनकर सप्ताह में केवल तीन दिन चल रही है।

वर्जन-

ग्वालियर से उदी मोड़ जंक्शन तक रेलवे का विद्युतीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है। रेल संरक्षा आयुक्त के निरीक्षण का समय मिलने का इंतजार किया जा रहा है। उनके निरीक्षण के बाद इलेक्ट्रिक ट्रेनों का परिचालन शुरू हो जाएगा।

मनोज सिंह, जनसंपर्क अधिकारी उत्तर-मध्य रेलवे, झांसी मंडल

Posted By: vikash.pandey

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