
Gwalior Railway News: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। ग्वालियर रेलवे स्टेशन के नजदीक स्थित रेल फाटक नहीं खोलने पर दो युवकों ने गेटमैन के साथ मारपीट कर दी। रेल फाटक नंबर 418 पर कार से पहुंचे दो युवक गेटमैन से गेट खोलने के लिए कह रहे थे, लेकिन तब तक ट्रैक पर ट्रेनों का आवागमन चल रहा था। मारपीट के दौरान गेटमैन ने कुछ स्थानीय लोगों की सहायता से एक युवक को पकड़ लिया। बाद में आरपीएफ ने उसके दूसरे साथी को भी धर लिया। दोनों के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
आरपीएफ से मिली जानकारी के मुताबिक बुधवार की देर रात गेट नंबर 418 पर गेटमैन संतोष यादव की ड्यूटी थी। इसी दौरान वहां कार से रंजीत सिंह कुशवाह (28 वर्ष) पुत्र सुरेश कुशवाह निवासी बूढ़े बाबा की बस्ती जनकगंज और सूरज सिंह परिहार (26 वर्ष) पुत्र मानसिंह परिहार निवासी घोसीपुरा सत्यनारायण की टेकरी पहुंचे। उन्होंने गेटमैन संतोष से गेट खोलने की जिद की। संतोष ने समझाया कि ट्रैक पर ट्रेनों के आवागमन के कारण फाटक को बंद किया गया है। इसके बावजूद वे लगातार गेट खोलने के लिए बोलते रहे और बाद में उन्होंने संतोष के साथ मारपीट कर दी। मारपीट शुरू होने पर कुछ स्थानीय लोग भी वहां पहुंच गए। ऐसे में रंजीत सिंह कुशवाह को पकड़ लिया गया, जबकि सूरज भाग गया। घटना की सूचना मिलने पर आरपीएफ के जवान मौके पर पहुंचे और रंजीत की निशानदेही पर सूरज को भी गिरफ्तार कर लिया।
ड्यूटी लगाना भूले उप स्टेशन पर्यवेक्षक, खुद ले जानी पड़ी ट्रेनः रतलाम से चलकर भिंड तक जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस में उप स्टेशन पर्यवेक्षक निशिथ माथुर को गार्ड की ड्यूटी करनी पड़ी। दरअसल, इस ट्रेन में डिप्टी एसएस माथुर किसी भी गार्ड की ड्यूटी लगाना भूल गए। इसके चलते जब ट्रेन ग्वालियर स्टेशन पर आकर खड़ी हो गई, लेकिन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के लिए कोई गार्ड मौजूद नहीं था। इसके चलते ट्रेन प्लेटफार्म पर ही खड़ी रही। ट्रेन खड़ी रहने के कारण जब पता चला कि किसी गार्ड की ड्यूटी ही ट्रेन पर नहीं लगाई गई है। इस कारण माथुर खुद ही ट्रेन को लेकर भिंड रवाना हुए।