
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। जिस तरह से बारिश की झड़ी शुरू हुई और रात से लेकर मंगलवार शाम तक बंद नहीं हुई। इससे लगा कि सही मायने में सावन का महीना आया है। 24 घंटे में ग्वालियर शहर में 92.8 मिमी यानी 3.65 इंच वर्षा हुई।
इसमें रात में 55.2 मिमी व दिन में 36.8 मिमी वर्षा हुई। प्रदेश में सबसे अधिक वर्षा डबरा में 75 मिमी दर्ज की गई। लगातार रिमझिम बारिश होने से अंचल का दिन का तापमान 28.2 डिसे पर आ गया। हालांकि शाम को साढ़े पांच बजे तापमान 26.8 डिसे पर आ गया। साथ ही रात का तापमान 24.6 डिसे पर रहा यानी दिन व रात के तापमान में महज 3.6 डिसे का अंतर रह गया।
मौसम पूरी तरह से कूल-कूल हो गया और लोगों को ठंडक महसूस हुई। बादल छाए रहने से दिनभर सूर्यदेव के दर्शन भी नहीं हो सके। मौसम विज्ञान केंद्र की माने तो आगामी चार दिन तक अंचल में इसी तरह का मौसम व वर्षा होने की संभावना है।
हालांकि बुधवार को वर्षा थोड़ी कम हो सकती है, लेकिन गुरुवार को तेज और पूरे अंचल में बारिश होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र की माने तो वर्तमान में देश में पांच चक्रवातीय सिस्टम बने हुए हैं और ट्रफ लाइन राजस्थान, हरियाणा से होते हुए मध्य उत्तरप्रदेश से गुजर ही है। इन सभी सिस्टमों के असर से अंचल में मध्यम वर्षा हो रही है और आगामी चार दिनों तक अंचल में रुक-रुककर या लगातार हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, लेकिन बीच-बीच में बारिश तेज व पूरे क्षेत्र में समान रूप से हो सकती है।

रात से लगातार हो रही वर्षा से शहर की सड़कें व कई मोहल्ले पानी से लबालब हो गए। वर्षा से विवेक विहार, सचिन तेंदुलकर मार्ग, गोले का मंदिर, बाल भवन, सब्जी मंडी वार्ड-52, चौरसिया कालोनी, तरुण पुष्कर के सामने, छपपर वाला पुल, डीबी माल के सामने, किलागेट सराफा बाजार, वार्ड 21 मरघट रोड नाला, तारागंज कलारी के पास, पुरानी सब्जी मंडी हजीरा, ट्रांसपोर्ट नगर एक नम्बर पार्किंग।
शालूपुरा, हजीरा चौराहा, लक्कड़खाना पुल, बाई साहब की परेड मार्ग, बजरंग कॉलोनी, शिवाजी नगर चुस्की वाली गली, चावड़ी बाजार, जनकगंज बख्शी की गोठ, जलालपुर, सिंधिया स्टेच्यू, अवाड़पुरा, इंदिरा नगर शकील वाली गली सहित अनेक स्थानों पर जल भराव हो गया। हालांकि नगरनिगम की टीमें मौके पर पहुंची और जल निकासी का काम किया।
रात से शुरू हुई बारिश दिन में भी जारी रही। इस वजह से आज बच्चे स्कूल भी नहीं जा सके। खासतौर से छोटे बच्चे वर्षा की वजह से स्कूल नहीं जा सके। इसके अलावा जिन स्कूलों में बच्चे पहुंचे भी, लेकिन उपस्थिति काफी कम रही। इसी तरह ऑफिसों में भी कर्मचारियों की उपस्थिति बारिश की वजह से प्रभावित हुई। आफिसों व अन्य जगहों पर काम करने वाले लोगों को पानी से बचने के लिए रेनकोट पहनने पड़े।
अभी तक जिले में बारिश औसत से कम ही थी। लेकिन सोमवार व मंगलवार को हुई वर्षा से औसत से तीन प्रतिशत अधिक हो चुकी है। अभी तक जिले में अभी तक सामान्य वर्षा 338.2 मिमी होती है, लेकिन रात व दिन की बारिश के बाद जिले में 349.4 मिमी हो चुकी है।