
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर की गलियों और बाजारों में पानीपुरी के शौकीनों की कभी कमी नहीं रही। शाम ढलते ही पानीपुरी के ठेलों और स्टालों पर लोगों की मजमा लगना आम बात है। लेकिन अब ग्वालियर के इस पारंपरिक चटपटे जायके में तकनीक और स्वच्छता का नया तड़का लग चुका है।
शहर में 'आई लव पानी पुरी ग्वालियर' नाम से संचालित एक अनोखा स्टाल इन दिनों स्थानीय लोगों और स्ट्रीट फूड प्रेमियों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस स्टाल का संचालन अंकित कुशवाहा करते हैं, जहां इंसानी हाथों के सीधे स्पर्श के बिना सेंसर तकनीक (Sensor Machine) के माध्यम से ग्राहकों को पानीपुरी परोसी जा रही है।
अक्सर स्ट्रीट फूड खाते समय लोगों को सबसे ज्यादा चिंता स्वच्छता (Hygiene) की होती है। पारंपरिक ठेलों पर पानी के बर्तन में बार-बार हाथ जाने, खुले में रखे मसालों या हाथों की सफाई को लेकर ग्राहक झिझकते हैं।
अंकित के इस ऑटोमेटिक सेंसर कार्ट की सबसे बड़ी खासियत यही है कि पानीपुरी परोसने की पूरी प्रक्रिया में हाथों का सीधा संपर्क न के बराबर होता है। जैसे ही पूरियों को मशीन की नोजल के नीचे रखा जाता है, सेंसर तुरंत डिटेक्ट करके मशीन से नाप-तौलकर पानी भर देता है। तकनीक और हाइजीन का यह अनोखा कॉम्बिनेशन ग्राहकों को बेहद पसंद आ रहा है।
इस ऑटोमेटिक कार्ट की दूसरी सबसे बड़ी खासियत यहां मिलने वाले 6 अलग-अलग फ्लेवर हैं। ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार स्वादों का चयन कर सकते हैं:
चाहे किसी को तीखा पानी पसंद हो या किसी को खट्टा-मीठा स्वाद, हर ग्राहक अपनी इच्छा अनुसार अलग-अलग नोजल से सेंसर के जरिये पानीपुरी का आनंद ले सकता है।
सेंसर मशीन से पानीपुरी परोसने का यह आधुनिक अंदाज बच्चों और युवाओं को खासा आकर्षित कर रहा है। मशीन से अपने आप पानी भरते देखना और बिना हाथ लगाए हाइजीनिक तरीके से गोलगप्पे तैयार होते देखना ग्राहकों के लिए नया और दिलचस्प अनुभव है। कई युवा इस अनूठे अनुभव के वीडियो और रील्स बनाकर सोशल मीडिया पर भी शेयर कर रहे हैं।
विशेषज्ञों और सतर्क ग्राहकों का मानना है कि केवल सेंसर और मशीन लगा लेने मात्र से ही पूरी स्वच्छता सुनिश्चित नहीं हो जाती। मशीन के इस्तेमाल के साथ-साथ-