ग्वालियर TMZD: देश के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के लिए SPV का गठन, इसी सप्ताह होगी अहम बैठक
टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए 499 करोड़ रुपये का अनुदान दे रही है। इसमें 51 प्रतिशत शेयर ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 12 Sep 2026 07:30:32 PM (IST)Updated Date: Sat, 12 Sep 2026 07:31:14 PM (IST)
HighLights
- केंद्र-राज्य के 6 अफसर शामिल
- भूमि आवंटन पर होगा फैसला
- विकास के लिए 499 करोड़ का बजट
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। साडा यानि विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण क्षेत्र में देश के पहले आधुनिक टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन को धरातल पर उतारने की दिशा में अगला महत्तवपूर्ण कदम दूर संचार विभाग व प्रदेश सरकार ने उठाया है। केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार के संयुक्त प्रयास से विकसित किए जा रहे इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के सुचारू प्रबंधन, निर्माण और भूमि आवंटन के लिए एसपीवी यानि स्पेशल पर्पज व्हीकल का आधिकारिक गठन कर दिया गया है।
6 सदस्य होंगे, लेकिन दूर संचार मंत्रालय के सेकेट्री करेंगे नेतृत्व
एसपीवी में तीन सदस्य दूर संचार मंत्रालय व तीन सदस्य प्रदेश सरकार यानि एमपीआईडीसी के अफसरों को शामिल किया गया है। यानि इसमें छह सदस्य होंगे, लेकिन इसका नेतृत्व दूर संचार मंत्रालय के सेकेट्री करेंगे।
यहां बता दें कि प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए 499 करोड़ रुपये का अनुदान दे रही है। इसमें 51 प्रतिशत शेयर मध्य प्रदेश सरकार और 49 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार यानि दूरसंचार विभाग का रखा गया है।
एसपीवी में केंद्र व राज्य के छह उच्च अधिकारी शामिल
एसपीवी के प्रशासनिक ढांचे में दोनों सरकारों के अधिकारियों का समान और प्रभावी प्रतिनिधित्व तय किया गया है। गठित समिति में कुल छह बोर्ड सदस्य शामिल किए गए हैं, इसमें दूर संचार मंत्रालय के सचिव अमित अग्रवाल सहित एक उप सचिव व वित्तीय सचिव रहेंगे, साथ ही प्रदेश सरकार की ओर से एमपीआईडीसी के मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, सचिव जान किंग्सले व मुख्य प्रबंध निदेशक चंद्रमोली शुक्ला होंगे।
इसी सप्ताह होगी बैठक, भूमि आवंटन सहित अन्य बिंदुओं पर होगा निर्णय
एसपीवी के गठन के बाद इसी सप्ताह बैठक होगी। हालांकि अभी इसकी तिथि घोषित नहीं की गई है। इस बैठक में टीएमजेड के अंदर आंतरिक सड़कों, प्लग-एंड-प्ले शेड्स, पावर सब-स्टेशन और वाटर सप्लाई जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण के साथ-साथ हाल ही में आए 50 उद्योगपतियों के भूमि आवंटन आवेदनों की समीक्षा कर निर्णय लिया जाएगा।
क्या है एसपीवी और क्या होंगे इसके मुख्य कार्य
स्पेशल पर्पज व्हीकल यानि एसपीवी एक विशिष्ट उद्देश्य के लिए बनाई गई स्वतंत्र प्रशासनिक और वित्तीय संस्था होती है, जिसे किसी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए गठित किया जाता है। टीएमजेड परिसर में बिजली, पानी, चौड़ी सड़कें, लाजिस्टिक्स और डेटा कनेक्टिविटी जैसे बुनियादी ढांचे का विकास कराना। इओआइ दाखिल करने वाले निवेशकों के आवेदनों की स्क्रूटनी कर पात्रता के आधार पर भूखंड आवंटित करना। उद्योगपतियों को केंद्र व राज्य स्तर की सभी पर्यावरणीय, औद्योगिक व निर्माण स्वीकृतियां एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना।
टीएमजेड के लिए एसपीवी का गठन हो गया है। इसमें केंद्रीय दूरसंचार विभाग के सचिव, वित्त सचिव सहित एक अन्य अफसर व एमपीआइडीसी के मुख्य सचिव, सचिव व प्रबंध निदेशक को शामिल किया गया है। एसपीवी की बैठक इसी सप्ताह होगी, जिसमें भूमि आवंटन सहित इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को लेकर निर्णय लिए जाएंगे। - अनीषा श्रीवास्तव, कार्यकारी निदेशक, एमपीआईडीसी