
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। व्यापार मेले में एक अत्याधुनिक वर्चुअल हेलिकाप्टर आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यह हेलिकॉप्टर असल में उड़ता नहीं है, लेकिन इसमें बैठने वालों को दुनिया के खूबसूरत शहरों की सैर का असली अहसास होता है। झूले सेक्टर में लोगों की नजर सबसे पहले इसी हेलिकॉप्टर पर जा रही है। बच्चों से लेकर युवाओं और बुजुर्गों तक हर कोई इसके पास रुककर इसे देखने और इसके बारे में जानकारी लेने को उत्सुक नजर आ रहा है। यह हेलिकॉप्टर लोगों को अमेरिका, दुबई, समुद्र और राजस्थान की सैर करवा रहा है।
इसके अंदर बैठते ही ऐसा महसूस होता है जैसे सचमुच हेलिकॉप्टर में सवार हो गए हों। इसमें हेलिकॉप्टर जैसी सीटिंग व्यवस्था की गई है। इसके अंदर जैसे ही शो शुरू होता है, स्क्रीन पर आसमान, बादल और नीचे दिखता शहर नजर आने लगता है। कुछ ही पलों में दर्शक खुद को अमेरिका के ऊंचे-ऊंचे गगनचुंबी भवनों, दुबई की चमचमाती इमारतों और बुर्ज खलीफा, नीले समुद्र की लहरों और राजस्थान के रेगिस्तान, किले और महलों के ऊपर उड़ता हुआ महसूस करता है। विजुअल्स इतने जीवंत और वास्तविक हैं कि कई लोग रोमांच से भर उठते हैं।
मेले में आए बच्चों के लिए यह हेलिकॉप्टर किसी सपने से कम नहीं है। बच्चे खुशी-खुशी टिकट लेकर अंदर जा रहे हैं और बाहर आकर अपने अनुभव दूसरों को बता रहे हैं। वहीं युवा इसे सोशल मीडिया के लिए खास अनुभव मान रहे हैं और फोटो व वीडियो बनाकर साझा कर रहे हैं। बुजुर्गों का कहना है कि जिन्होंने कभी हेलिकॉप्टर की सवारी नहीं की, उनके लिए यह एक यादगार अनुभव है।
हेलिकाप्टर संचालक के अनुसार, इसका उद्देश्य लोगों को कम खर्च में दुनिया घूमने जैसा अहसास कराना है। आज हर कोई अमेरिका या दुबई नहीं जा सकता, लेकिन इस तकनीक के जरिए कुछ मिनटों के लिए ही सही, लोग वहां की झलक देख सकते हैं। यही वजह है कि मेले में यह हेलिकाप्टर दिनभर भीड़ से घिरा रहता है।
मेले में आए एक दर्शक ने बताया कि राजस्थान के किलों और रेगिस्तान का दृश्य देखकर ऐसा लगा मानो सचमुच ऊपर से उड़ते हुए सब कुछ देख रहे हों। वहीं एक युवती ने कहा कि दुबई का नजारा बेहद शानदार था और समुद्र के ऊपर उड़ान का अनुभव रोमांच से भर देने वाला रहा। यही कारण है कि मेले में आने वाला लगभग हर व्यक्ति इस हेलिकॉप्टर की सैर किए बिना वापस नहीं लौट रहा।
हेलिकॉप्टर में मोशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल
इस हेलिकॉप्टर की खासियत इसकी मोशन टेक्नोलाजी है। स्क्रीन पर दिखने वाले दृश्य के अनुसार सीटें भी हल्का-हल्का हिलती हैं, जिससे उड़ान जैसा अनुभव मिलता है। साथ ही साउंड सिस्टम भी इतना दमदार है कि हेलिकॉप्टर की आवाज, हवा की सनसनाहट और समुद्र की लहरों की गूंज वास्तविक लगती है। कई लोग इसे देखकर हैरान रह जा रहे हैं कि तकनीक किस हद तक आगे बढ़ चुकी है।