
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर: उफ! ये गर्मी..झुलसाने वाली है। ऊपर से गर्म हवाओं के थपेड़े भीषण गर्मी का अहसास करा रहे हैं। तेज धूप और गर्म हवाओं ने पारे को पहली बार 44.9 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा दिया। इससे ग्वालियर प्रदेश का सबसे गर्म शहर के रूप में दर्ज किया गया। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं से जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित रहा। जहां लोग दिन में बाहर निकलने से बचे और शहर में सड़कें सुनसान रही तो पशु पक्षी और जानवरों ने पेड़ की छांव धूप से बचने के लिए सहारा लिया। जो लोग चार पहिया वाहन से निकले उन्हें एसी का रेग्युलेटर फुल स्पीड पर रखना पड़ा, तब कहीं जाकर गर्मी से राहत मिली। सबसे बुरा हाल दुपहिया से और पैदल बाहर निकले यात्रियों का हुआ।
मौसम वैज्ञानिक हुकुम सिंह का कहना है कि फिलहाल गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम ही है, क्योंकि कैस्पियन सागर की ओर से आ रहा पश्चिमी विक्षोभ शुक्रवार को हिमालय से टकराया। जहां से आ रही हवाएं ग्वालियर-चंबल अंचल में ज्यादा असर नहीं दिखा सकेंगी। लेकिन आसमान में शनिवार को हल्के फुल्के बादल बनेंगे जो बढ़ते तापमान पर ब्रेक लगा सकते हैं। इसलिए तापमान शनिवार को स्थिर ही रहने वाला है। लेकिन रविवार से तेज धूप और गर्म हवाएं तापमान को आगे बढ़ने के लिए मजबूर करेंगी और अगला पूरे सप्ताह लू चलने की आशंका है जिससे तापमान 47 डिग्री पार कर सकता है।
शुक्रवार की सुबह आसमान साफ रहा तो धूप ने सुबह से ही अपने तेवर दिखाकर साफ कर दिया कि आज गर्मी रहने वाली है। इस कारण से सुबह साढ़े आठ बजे तापमान 34 डिसे पार पहुंच गया और दोपहर ढाई बजे पारा 44 डिसे पार हो चुका था। दिन में अधिकतम तापमान बीते रोज से 1.2 डिग्री बढ़कर 44.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि रात का न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय हवा में नमी 45 प्रतिशत रहा जो सामान्य से छह फीसद अधिक था जबकि दोपहर में 27 प्रतिशत रहा जो सामान्य से दो फीसद अधिक थी।
शहर में गर्मी बढ़ाने के तीन कारण बन रहे हैं। इस कारण पश्चिमी विक्षोभ भी अपना असर नहीं दिखा पा रहा है। हिमालय से आने वाली हवाएं आसमान में काफी ऊंचाई पर होने से उन्हें नमी नहीं मिल पा रही है। इसी बीच राजस्थान से आ रही हवाएं गर्मी बढ़ा रही है। 1. राजस्थान में हवाओं का चक्रवात बना हुआ है, जिसके कारण उत्तर-पश्चिमी गर्म हवाएं आ रही है। 2. उत्तर प्रदेश और हरियाणा के आसपास के क्षेत्र में बना हवाओं का चक्रवात। 3. उत्तर पश्चिमी राजस्थान से उत्तरी महाराष्ट्र होते पश्चिमी मध्य प्रदेश के बीच में बनी ट्रफ लाइन।
गर्मी से बचें तरल पदार्थ पिएं जीआरएमसी की मेडिसिन विभाग की डा कनिका सेठी का कहना है कि भीषण गर्मी पड़ रही है। ऐसे में बच्चों से लेकर बड़ों तक का ध्यान रखें उन्हें घर से बाहर ना निकलने दें। खाने में दही,छाछ,फल, सलाद शामिल करें। दिन में पौदीना, ग्लूकोज, ओआरएस और इलेक्ट्रोल वाटर का सेवन करें। घर निकलें तो पानी की बोतल और सिर ढकने के लिए साफी लेकर चलें।
ज्योतिष विज्ञान के मुताबिक नौ तपा 25 मई से शुरू होगा। मौसम विभाग का भी अनुमान है कि आठ दिन बाद तापमान 47 डिग्री सेल्सियस को पार कर सकता है, क्योंकि जो पश्चिमी मी विक्षोभ आ रहा है उसका असर कम ही रहेगा। रविवार के बाद से राजस्थान से आ रही गर्म हवाओं से लू चलेगी। जिससे पारा तेजी से बढ़ेगा।