
नईदुनिया प्रतिनिधि,ग्वालियर। राजस्थान और गुजरात की ओर से आ रही गर्म हवाओं और लंबवत पड़ रही सूर्य की किरणों ने ग्वालियर-चंबल अंचल का पारा बढ़ा दिया है। आजाद भारत में पहली बार 28 मई 2024 मंगलवार को ग्वालियर का तापमान 47.6 डिग्री दर्ज किया गया जबकि दतिया का पारा 48.4 डिग्री जा पहुंचा।
इससे पहले 30 मई 1947 को तापमान 48.3 डिग्री दर्ज किया गया था। 77 साल के इतिहास में पहली बार तापमान इतना अधिक पहुंचा है। हालांकि आज से पांच साल पहले 30 मई 2019 काे पारा 47.2 डिग्री तक पहुंचा था। लेकिन मंगलवार को जो तापमान दर्ज किया गया है उसका मौसम विभाग के पास कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।
भोपाल के मौसम वैज्ञानिक वेदप्रकाश सिंह का कहना है कि आजादी से चंद तीन माह पहले 30 मई 1947 के दस्तावेज मिले हैं जिसमें 48.3 डिग्री तापमान दर्ज होने का जिक्र है। इसके बाद कभी ग्वालियर का तापमान मई माह में इतना अधिक नहीं रहा।
आसमान से बरसती भीषण गर्मी ने लोगों को घर में कैद रहने पर मजबूर कर दिया। आलम यह था कि सबसे व्यस्ततम बाजार सुनसान रहे। पशु पक्षी भी दिन में दिखाई नहीं दिए,आवारा मवेशी पेड़ की छांव में सुस्ताते रहे। तल्ख गर्मी का अहसास लोगों को सुबह सुबह ही हो चुका था। क्योंकि सुबह साढ़े 8 बजे चल रही लू ने पारे को 37.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा दिया था।
दिन में चली लू और तेज धूप ने गर्मी और पारा दोनों बढ़ा दिया। हालांकि दतिया का पारा 48.4 डिग्री दर्ज किया गया है जो चंबल अंचल में सर्वाधिक है। यदि प्रदेश की बात करें तो निवाड़ी में 48.5 डिग्री दर्ज किया गया जो प्रदेश में सर्वाधिक रहा।