Gwalior wedding news: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। खरमास के बाद आगामी 15 अप्रैल से शादियों का सीजन फिर शुरू होने जा रहा है। शहर में इस दिन से ही शादियों का बंपर मुहूर्त शुरू हो जाएगा। शादी के लिए कई दूल्हों को दुल्हन तो मिल गई हैं, लेकिन मनपसंद कार के लिए उन्हें अभी कतार (वेटिंग) में लगना पड़ रहा है। दीपावली के बाद से कई आटोमोबाइल कंपनियों की कारों में वेटिंग की स्थिति बनी हुई है। हालात यह है कि वर्तमान में लोगों के बीच आम पसंद बन चुके कारों के कई माडलों पर 10 माह से एक साल तक की वेटिंग चल रही है, वहीं 15 लाख रुपए से अधिक कीमत की कारों पर चार से छह महीने की वेटिंग की स्थिति बनी हुई है।
कोरोना की दूसरी लहर समाप्त होने के बाद दीपावली के अवसर पर लोगों ने जमकर चार पहिया वाहनों की खरीद की। इस दौरान आटोमोबाइल कंपनियों के शोरूम पर कार की डिलीवरी में वेटिंग की स्थिति बन गई। इसके ठीक बाद शादियों का सीजन शुरू हो गया। ऐसे में लोगों ने वर-वधू को उपहार में देने के लिए कारों की खरीद शुरू कर दी। इससे वेटिंग और बढ़ती चली गई। गत माह खरमास के चलते शादियों पर ब्रेक लगा, लेकिन लोगों ने 15 अप्रैल से शुरू होने वाले सहालग के लिए एडवांस में बुकिंग शुरू कर दी। अब स्थिति यह है कि शोरूम पर लोग जब कार की बुकिंग कराने पहुंचते हैं, तो पता चलता है कि उन्हें डिलीवरी छह महीने से लेकर एक साल बाद मिलेगी। इंतजार करने वाले लोग बुकिंग अमाउंट देकर डिलीवरी की प्रतीक्षा कर रहे हैं, वहीं जिन्हें आनन-फानन में कार खरीदकर दुल्हन विदा करानी है वे सिफारिशों के जरिए जल्द से जल्द गाड़ी मिलने का प्रयास कर रहे हैं। शहर में मारुति, हुंडई, टाटा, फोर्ड, किया, वाक्सवैगन, टोयोटा जैसी कंपनियों के शोरूम पर यही हालात बने हुए हैं।
-रूस-यूक्रेन युद्ध का भी पड़ा असर-
रूस और यूक्रेन में चल रहे युद्ध का असर भी कारों के उत्पादन पर पड़ा है। दरअसल, कारों में लगने वाली सेमी कंडटर चिप का अधिकांश सामान यूक्रेन निर्यात करता है। इसके अलावा कारों के इंजन में लगने वाला काफी सामान भी यूक्रेन से ही आता है। युद्ध के चलते यह सामान आना बंद हो गया है। इससे कार उत्पादन पर सीधा असर पड़ा है। इसके चलते कारों की वेटिंग बढ़ गई है। आटोमोबाइल शोरूम संचालकों का कहना है कि हालात सामान्य होने में करीब छह माह और लगेंगे। इसके बाद ही वेटिंग कम हो सकेगी।
-इन कारों पर एक साल तक वेटिंग-
टाटा कंपनी की टियागो, हैरियर, नेक्सोन, पंच जैसी कारों पर आठ से 12 माह की वेटिंग चल रही है। इसी प्रकार महिंद्रा कंपनी की स्कार्पियो, बोलेरो, एक्सयूवी, थार पर भी छह से आठ माह की वेटिंग चल रही है। हुंडई कंपनी की क्रेटा, ओरा, आइ सीरिज की डिलीवरी में भी वेटिंग है। मारुति कंपनी की स्विफ्ट, वैगन आर, ब्रेजा, अर्टिगा, एसक्रास भी दूल्हों को नहीं मिल पा रही है। टोयोटा कंपनी की फार्च्यूनर, इटिओस भी वेटिंग में चल रही है। रेनो कंपनी की क्विड, डस्टर, रेनो ट्राइबर पर वेटिंग है। वहीं किया कंपनी की केयर्न्स, सोनेट, सेल्टोस भी एक साल तक वेटिंग में हैं।
एक साल से अधिक है वेटिंग
वर्तमान में कारों पर एक साल से अधिक की वेटिंग चल रही है। कई माडल ऐसे हैं, जो बहुत मांग में हैं। शादियों में देने के लिए कार खरीदने के लिए लोग आ तो रहे हैं, लेकिन वेटिंग की स्थिति होने पर बुकिंग नहीं करा पा रहे हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध का असर भी उत्पादन पर पड़ा है।
मुकेश अग्रवाल, चेयरमैन समर्थ सौम्या ग्रुप
सभी माडलों पर है वेटिंग
इस समय फोर्ड, किया, महिंद्रा सहित ज्यादा आटोमोबाइल कंपनियों के प्रचलित माडलों पर वेटिंग चल रही है। कई गाड़ियों पर तो एक साल से अधिक की वेटिंग चल रही है। इस कारण डिलीवरी नहीं दे पा रहे हैं। यह हालात सामान्य होने में अभी थोड़ा समय और लगेगा।
हरिकांत समाधिया, संचालक समाधिया मोटर्स