ग्वालियर.नईदुनिया प्रतिनिधि। ग्वालियर से श्योपुर के बीच नैरोगेज ट्रैक को ब्राडगेज में परिवर्तित करने के काम ने गति पकड़ ली है। इस परियोजना के तहत आगामी मार्च 2023 तक जौरा तक ट्रेन को दौड़ाया जाना है। ऐसे में रेलवे के अफसरों ने बानमौर से सबलगढ़ के बीच काम में तेजी लानी शुरू कर दी है। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए तीन चरण रखे गए हैं। पहले चरण में बानमोर से सबलगढ़ तक का काम चल रहा है, जिस पर साल 2024 तक ब्राडगेज पैसेंजर ट्रेन चलाने का लक्ष्य मानकर काम हो रहा है। इसमें 65 किमी दूरी में 60 छोटे-बड़े पुलों का निर्माण किया जा रहा है।

दूसरे चरण में बिरला नगर से सबलगढ़ के बीच 10 बड़े पुलों का निर्माण किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर बानमोर से सुमावली की ओर ब्राडगेज की पटरियां बिछाने के लिए जमीन से करीब 20 फीट ऊंचाई पर रेलवे ट्रैक तैयार किया जा रहा है। बानमोर से सुमावली तक नैरोगेज लाइन की पटरियां उखड़ चुकी हैं, वहीं सबलगढ़ से जौरा तक पटरियां उखाड़ने का काम कई जगह पूरा हो गया है। बानमोर गांव के पुराने रेलवे स्टेशन से सुमावली की ओर कई किलोमीटर का ब्राडगेज का ट्रैक तैयार भी हो चुका है। यह देखने में दो लेन की सड़क जितना चौड़ा है। अब इस पर पटरियां बिछने के बाद गिट्टी डाली जानी हैं। हालांकि इस काम में अभी समय लगेगा, क्योंकि बानमोर से सबलगढ़ तक ऐसा ही ट्रैक तैयार होने के बाद पटरियां बिछाने का काम चलेगा। जिस गति से काम चल रहा है, उससे संभावनाएं जताई जा रही हैं कि दो साल के भीतर बानमोर से सबलगढ़ के बीच 2024 तक पैसेंजर ब्राडगेज ट्रेन चल सकती है। पहले ग्वालियर से सबलगढ़ तक नैरोगेज के सफर को छह से सात घंटे लगते थे, ब्राडगेज से यह डेढ़ से पौने दो घंटे में पूरा हो जाएगा।

Posted By: anil tomar

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