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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Heatstroke News: बढ़ते तापमान में हीट स्ट्रोक के बढ़े मामले, इमरजेंसी में पहुंच रहे रोज पांच से छह मरीज

आउटडोर पैशेंट डिपार्टमेंट (ओपीडी) में भी उल्टी, दस्त के साथ लू के शिकार मरीज भी पहुंच रहे हैं। अस्पताल पहुंच रहे इस तरह के मरीजों को दवाएं देने और इंज...और पढ़ें

By Paras PandeyEdited By: Paras Pandey
Publish Date: Sun, 19 May 2024 05:30:00 AM (IST)Updated Date: Sun, 19 May 2024 06:05:25 AM (IST)
Heatstroke News: बढ़ते तापमान में हीट स्ट्रोक के बढ़े मामले,  इमरजेंसी में पहुंच रहे रोज पांच से छह मरीज
अस्पताल पहुंच रहे लोग

HighLights

  1. एक हजार बिस्तर अस्पताल के मेडिसिन विभाग में इलाज के लिए पहुंच रहे मरीज

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। गर्मी में तापमान बढ़ने के साथ अर्ध बेहोशी, लो ब्लड प्रैशर और उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगा है। हीट स्ट्रोक का शिकार होकर एक हजार बिस्तर अस्पताल के मेडिसिन विभाग में हर रोज पांच से छह मरीज पहुंच रहे हैं। इनको आईसीयू में भर्ती किया जा रहा है।

आउटडोर पैशेंट डिपार्टमेंट (ओपीडी) में भी उल्टी, दस्त के साथ लू के शिकार मरीज भी पहुंच रहे हैं। अस्पताल पहुंच रहे इस तरह के मरीजों को दवाएं देने और इंजेक्शन लगाने के बाद खानपान में परहेज करने की सलाह चिकित्सक दे रहे हैं। जिला अस्पताल के मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. नितेश मुदगल बताते हैं कि तापमान बढ़ने से हीट स्ट्रोक की शिकायत ज्यादा आती है।


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इसका शिकार हो रहे लोगों को चाहिए कि वह बिना देर किए तुरंत इमरजेंसी में दाखिल होकर उपचार शुरू कराएं। धूप में निकलते समय ऐसे कपड़े पहने कि शरीर ढंका हो। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में लू, उल्टी, दस्त, बुखार के शिकार मरीज ज्यादा पहुंच रहे हैं। अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 40 से 50 मरीज पहुंच रहे हैं। 15 से 20 मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। कुछ मरीजों को दो से तीन घंटे ग्लूकोज देने के साथ दवाएं देकर छुट्टी देते हुए धूप में न निकलने की सलाह दी जा रही है।

हीट स्ट्रोक के लक्षण-मानसिक असंतुलन और दौरा पड़ने की स्थिति

शरीर का तापमान 104 डिग्री या उससे अधिक होना।-तेज सिरदर्द, बातचीत में उलझन और अस्पष्टता।-चक्कर या बेहोशी का अहसास, त्वचा पर चकत्ते।- दिल की धड़कन बढ़ना, डायरिया की दिक्कत। ये बरतें सावधानी -दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक धूप में न रहें। -पानी हमेशा पास रखें। नींबू पानी बेहतर है। -गर्मी से बेहाल व्यक्ति को बुखार की दवा न दें। -ढीले, सूती और हल्के रंग के कपड़े पहनें। -सिर को टोपी, कपड़े, छाता से ढककर रखें। -बिना डाक्टर की सलाह के दवा न लें।