
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर में एक युवती के दस दिन से लापता होने के मामले में मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने राज्य सरकार को उसे तलाशकर कोर्ट के समक्ष पेश करने के निर्देश दिए हैं।
युवती करीब दो महीने पहले बालिग हुई है। उसके पिता ने हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर उसकी तलाश की मांग की थी। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अल्पेश यशवंत कोगजे और न्यायमूर्ति मिलिंद रमेश फड़के की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की।
याचिकाकर्ता के अनुसार युवती पिछले दस दिनों से लापता है और उसका वर्तमान ठिकाना पता नहीं चल रहा है। इस संबंध में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है। पिता ने कोर्ट को उस व्यक्ति के संबंध में जानकारी दी है, जिसके द्वारा युवती को कथित रूप से अवैध रूप से अपने कब्जे में रखे जाने की बात कही गई है।
याचिकाकर्ता ने यह भी बताया कि युवती की ओर से 1.10 लाख रुपये एक व्यक्ति को स्थानांतरित किए गए हैं। कोर्ट को बताया गया कि संबंधित व्यक्ति नासिक, महाराष्ट्र में रहने की बात सामने आई है। याचिकाकर्ता ने उसके वित्तीय लेन-देन से संबंधित जानकारी भी राज्य अधिकारियों को उपलब्ध कराई है, ताकि उसके ठिकाने और उसके माध्यम से युवती का पता लगाया जा सके।
कोर्ट ने मामले में प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए तीन कार्यदिवस के भीतर प्रक्रिया शुल्क जमा करने और आरएडी माध्यम से नोटिस भेजने के निर्देश दिए हैं। नोटिस दो सप्ताह में वापस किए जाने हैं। साथ ही राज्य के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि निर्धारित तारीख तक युवती को हाई कोर्ट के समक्ष पेश किया जाए।
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