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2700 करोड़ के कथित भूमि घोटाले पर हाई कोर्ट सख्त, बिल्डरों को पक्षकार बनाने के निर्देश

शासन की ओर से प्रारंभिक रिपोर्ट पेश की जा चुकी है, जिसमें सिरोल, रमौआ और अन्य क्षेत्रों में अतिक्रमण संबंधी जांच किए जाने का दावा किया गया है।

By Vikram Singh TomarEdited By: Rajdil Shivhare
Publish Date: Sat, 09 May 2026 11:17:30 AM (IST)Updated Date: Sat, 09 May 2026 11:18:24 AM (IST)
2700 करोड़ के कथित भूमि घोटाले पर हाई कोर्ट सख्त, बिल्डरों को पक्षकार बनाने के निर्देश
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HighLights

  1. सरकारी जमीन पर कब्जे के मामले में याचिका पर सुनवाई
  2. 54 हेक्टेयर सरकारी एवं कृषि भूमि पर कब्जा
  3. अवैध निर्माण और फर्जी रजिस्ट्रियां

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर में सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण और अवैध कॉलोनियां विकसित किए जाने के आरोपों से जुड़ी जनहित याचिका पर शुक्रवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को उन सभी बिल्डर्स और कॉलोनाइजरों को पक्षकार बनाने के निर्देश दिए हैं, जिन पर सरकारी जमीन पर कब्जा कर टाउनशिप विकसित करने के आरोप लगाए गए हैं।

कॉस्मो आनंदा, कॉस्मो वैली, विंडसर हिल्स समेत कई परियोजनाओं का उल्लेख

जनहित याचिका में कॉस्मो आनंदा, कॉस्मो वैली, विंडसर हिल्स, अचलनाथ, रोजवुड, ब्लू लोटस, जैतल विहार और एलिक्सिर एमके सिटी समेत कई परियोजनाओं का उल्लेख किया गया है। शासन की ओर से प्रारंभिक रिपोर्ट पेश की जा चुकी है, जिसमें सिरोल, रमौआ और अन्य क्षेत्रों में अतिक्रमण संबंधी जांच किए जाने का दावा किया गया है।


एडवोकेट चंद्रशेखर साहू द्वारा दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि भू-माफियाओं और कॉलोनाइजरों ने करीब 54 हेक्टेयर सरकारी एवं कृषि भूमि पर कब्जा किया है। सिटी सेंटर तहसील, सिरोल, डोंगरपुर, पुतलीघर, अलापुर, रमौआ और नैनगिर क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित बताए गए हैं। याचिका में कथित घोटाले की कीमत 2700 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।

याचिका में सीबीआई जांच, अवैध निर्माण पर रोक, फर्जी रजिस्ट्रियां निरस्त करने, एफआईआर दर्ज करने और सरकारी जमीन बहाल करने की मांग की गई है।