• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • शारदीय नवरात्रि
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • ग्वालियर

ग्वालियर हादसा: 'हत्यारे ट्रक' ने छीनीं कई परिवारों की खुशियां, किसी का सुहाग उजड़ा तो किसी का इकलौता सहारा छिना

शीतला माता मंदिर में दर्शन की आस लेकर पहुंचे कई परिवारों को बेकाबू ट्रक पलटने के हादसे ने कभी न भूल पाने वाला दर्द दे दिया। ट्रक से रौंदे जाने व उसके ...और पढ़ें

By Anoop BhargavEdited By: Rajdil Shivhare
Publish Date: Sun, 18 Oct 2026 08:50:36 PM (IST)Updated Date: Mon, 19 Oct 2026 07:15:00 AM (IST)
ग्वालियर हादसा: 'हत्यारे ट्रक' ने छीनीं कई परिवारों की खुशियां, किसी का सुहाग उजड़ा तो किसी का इकलौता सहारा छिना
हादसे में जान गंवाने वाले दिव्यांश की बहन बिलखते हुए। नईदुनिया

HighLights

  1. मासूमों की मौत, परिवारों में मातम
  2. 6 महीने पहले बनी दुल्हन का सुहाग उजड़ा
  3. कहीं पिता-पुत्र तो कहीं भाइयों की गई जान

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शीतला माता मंदिर में दर्शन की आस लेकर पहुंचे कई परिवारों को बेकाबू ट्रक पलटने के हादसे ने कभी न भूल पाने वाला दर्द दे दिया। किसी मां की गोद सूनी हो गई, तो किसी पिता के बुढ़ापे और परिवार की उम्मीदों का सहारा छिन गया। छह माह पहले दुल्हन बनकर आई महिला का सुहाग उजड़ गया। ट्रक से रौंदे जाने व उसके नीचे दबने से 15 लोगों की मौत हो गई और 42 लोग घायल हैं।

naidunia_imageप्रिंस की मां आशा और नीकेश जाटव को खोने वाली मां छाया बिलखते हुए। नईदुनिया

प्रिंस को खोने वाली मां आशा, बहन का रो-रोकर बुरा हाल

मंदिर पर हुए हादसे में 18 वर्षीय बेटे प्रिंस उर्फ छोटू चौपड़ा को खोने वाली मां आशा और बहन का रो-रोकर बुरा हाल था। आशा का आरोप है कि हादसे के बाद वह प्रिंस को निजी अस्पताल ले जाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उसे ले जाने नहीं दिया। परिवार पहले ही प्रिंस के भाई विवेक के हादसे में घायल होने का दर्द झेल चुका है। गल्ला कोठार मुरार निवासी प्रिंस पुताई का काम कर परिवार की रोजी-रोटी चलाता था।


naidunia_imageगौरव की गमहीन मां और उसका छोटा भाई सौरभ। नईदुनिया

भाई को बचाने के लिए क्रेन लेकर आया, लेकिन बचा नहीं पाया

बड़ा गांव निवासी 15 वर्षीय सौरभ परिहार की आंखों के सामने 18 वर्षीय बड़े भाई गौरव की मौत का मंजर हमेशा के लिए ठहर गया। सौरभ भाई गौरव और बहन नंदनी के साथ शीतला माता मंदिर पर दर्शन करने गया था। इसी दौरान बेकाबू ट्रक की चपेट में तीनों आ गए। सौरभ और नंदनी तो किसी तरह बच गए, लेकिन गौरव ट्रक के नीचे दब गया। सौरभ भाई को बचाने की उम्मीद में वह करीब 8 किलोमीटर दूर तक दौड़ता गया। वहां 800 रुपये दे क्रेन (हाइड्रा) मशीन लेकर घटनास्थल पर पहुंचा, लेकिन भाई की जान नहीं बच सकी। गौरव की छह माह पहले ही शादी हुई थी। वह गाड़ी चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता था।

एक परिवार के तीन लोगों की मौत

बड़ी मन्नतों और लंबे इंतजार के बाद घर में बच्चों की किलकारियां गूंजी थीं। लेकिन इस हादसे ने एक परिवार की सारी खुशियां छीन लेगा। मुरैना जिले की जौरा तहसील के हार गांगोली गांव निवासी विद्याराम त्यागी का दर्द उनके शब्दों में बयां हो रहा था। हादसे में उनके 12 वर्षीय बेटे अमन, 14 वर्षीय बेटे लव और 35 वर्षीय भाई अशोक त्यागी की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। विद्याराम के लिए यह दुख किसी पहाड़ के टूटने से कम नहीं है। एक ही हादसे में दो बेटों और भाई को खोने के बाद परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।

कहा था यहीं मिलूंगा, लौटे तो देवर नहीं मिले

17 वर्षीय दिव्यांश कुशवाह की मौत से आहत उसकी भाभी भारती से आंसू नहीं थम रहे। दिव्यांश स्वजन के साथ शीतला माता के दर्शन करने गया पहुंचा। मंदिर के प्रवेश द्वार पर उसने कहा वह यहीं मिलेगा। परिवार के लोग दर्शन कर लौटे तो प्रवेश द्वार बंद था और चीख पुकार मची हुई थी। दिव्यांश दिखाई नहीं दिया। काफी तलाश के बाद हादसे की खबर ने परिवार को तोड़ दिया। भारती ने हादसे के लिए पुलिस की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया।

टक्कर के बाद ईंट-पत्थर गिरने से युवक की मौत

हादसे में 18 वर्षीय बेटे देवेश बघेल को खोने वाले पिता हरिसिंह बघेल ने बताया कि देवेश दोस्त के साथ शीतला माता मंदिर पर दर्शन करने जाने की बात कहकर घर से निकला था। उन्हें क्या पता था कि यह मुलाकात आखिरी साबित होगी। पिता के मुताबिक, ट्रक के मंदिर के दरवाजे से टकराने के बाद ईंट-पत्थर नीचे गिरे, जो देवेश के सिर पर लगे। हादसे में उसका पैर भी टूट गया था। जिस बेटे को पढ़ा-लिखाकर अधिकारी बनाने का सपना संजोया था, उसकी मौत ने परिवार की उम्मीदों को हमेशा के लिए छीन लिया।

हादसे ने पिता-पुत्र की मौत

परिवार के साथ माता के दर्शन करने पहुंचे श्योपुर के महेश और उनके 12 वर्षीय बेटे की मौत हो गई। पूरा परिवार मुख्य गेट पर आटो छोड़कर पैदल दर्शन करने जा रहा था, तभी मंदिर के द्वार की ओर तेज गति से आता ट्रक देखकर भगदड़ मच गई। परिवार जान बचाने के लिए दुकान की ओर भागा, लेकिन ट्रक की चपेट में आ गया। परिवार के अन्य लोग घायल हो गए।

naidunia_imageनीकेश जाटव के पिता और परिजन बिलखते हुए। नईदुनिया

दो बहनों का इकलौता भाई था नीकेश

हादसे में 20 वर्षीय बेटे नीकेश जाटव को खोने वाली मां छाया के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। ट्रामा सेंटर के बाहर मां और दोनों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल था। थाटीपुर की श्रीनगर कालोनी निवासी नीकेश दो बहनों का इकलौता भाई था। वह पुताई का काम कर परिवार का पालन-पोषण करता था। जिस बेटे के सहारे भविष्य की उम्मीदें थीं, उसके बिना अब परिवार के सामने रोजी-रोटी की चिंता भी खड़ी हो गई है।