सावधान...! ट्रेन में तेज आवाज में रील देखी या गाने सुने तो जेब पर पड़ेगा असर, लगेगा 1000 रुपये का जुर्माना; हो सकती है जेल
रेलवे ने यात्रियों को आगाह किया है कि मनोरंजन के चक्कर में ऐसा व्यवहार न करें, जिससे सहयात्रियों की यात्रा में खलल पड़े।
Publish Date: Fri, 23 Oct 2026 06:51:20 PM (IST)Updated Date: Fri, 23 Oct 2026 06:52:00 PM (IST)
HighLights
- सहयात्रियों की शांति भंग करने पर कार्रवाई
- रेलवे ने ईयरफोन इस्तेमाल करने की दी सलाह
- जन विश्वास अधिनियम 2026 के तहत सख्त नियम
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ट्रेन में सफर के दौरान रील देखने या गाने सुनने का शौक दूसरे यात्रियों के लिए परेशानी बन जाए तो मुश्किल खड़ी हो सकती है। मोबाइल का स्पीकर तेज आवाज में चलाना, वीडियो बजाना या कोच में दूसरे यात्रियों की शांति भंग करना महंगा पड़ सकता है। रेलवे ने यात्रियों को आगाह किया है कि मनोरंजन के चक्कर में ऐसा व्यवहार न करें, जिससे सहयात्रियों की यात्रा में खलल पड़े।
संबंधित कानूनी प्रविधानों के तहत एक हजार रुपये तक जुर्माना, छह महीने तक की जेल या दोनों की कार्रवाई हो सकती है।
रेलवे ने जन विश्वास अधिनियम का दिया हवाला
रेलवे ने जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम, 2026 के तहत रेलवे अधिनियम में किए गए संशोधनों का हवाला देते हुए यात्रियों से नियमों का पालन करने की अपील की है। ट्रेन के कोच ही नहीं, बल्कि प्लेटफार्म और प्रतीक्षालय जैसे सार्वजनिक स्थानों पर भी दूसरों की सुविधा का ध्यान रखना जरूरी है। अक्सर सफर के दौरान कोई यात्री मोबाइल पर तेज आवाज में वीडियो देखता है तो किसी की रिंगटोन पूरे कोच का ध्यान खींचती है। रात के समय ऐसी आवाजें दूसरे यात्रियों की नींद में खलल डालती हैं।
रेलवे की सलाह... ईयरफोन का इस्तेमाल करें
रेलवे ने सलाह दी है कि गाने सुनने और वीडियो देखने के लिए ईयरफोन का इस्तेमाल करें। फोन पर बात करते समय आवाज धीमी रखें और अनावश्यक शोर से बचें। रेलवे का संदेश है कि मोबाइल पर मनोरंजन करना गलत नहीं, लेकिन उसकी आवाज से दूसरों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। थोड़ी सी सावधानी न केवल विवाद से बचा सकती है, बल्कि सभी यात्रियों के सफर को भी सुकून भरा बना सकती है।