
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। त्योहार पर घर जाने के लिए कन्फर्म टिकट हासिल करने की मारामारी के बीच तत्काल आरक्षण में भी दलाल सक्रिय हैं। एक तरफ आम यात्री आरक्षण केंद्रों पर लंबी कतारों में लगने के बाद भी कई बार खाली हाथ लौट रहे हैं, दूसरी तरफ अतिरिक्त रुपये लेकर टिकट उपलब्ध कराने का दावा करने वाले दलाल यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं।
ग्वालियर में टिकट दलालों के खिलाफ लगातार हो रही कार्रवाई भी इस समस्या की ओर इशारा कर रही है। शनिवार को आमखो-कंपू स्थित आरक्षण केंद्र पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और क्राइम विंग ने कार्रवाई कर एक कथित टिकट दलाल को पकड़ा था। इससे पहले भी कई दलालों को पकड़ा जा चुका है।
बता दें कि त्योहारी सीजन में ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ने से कन्फर्म टिकटों की मांग में तेजी आई है। सामान्य आरक्षण में सीट नहीं मिलने पर यात्री तत्काल कोटे से टिकट पाने की कोशिश करते हैं। तत्काल टिकटों की बुकिंग सीमित समय में होने और सीटों की संख्या कम होने के कारण यात्रियों के सामने चुनौती रहती है। ऐसे में आरक्षण केंद्रों पर सक्रिय दलाल अतिरिक्त रकम लेकर टिकट दिलाने का भरोसा देते हैं।
इससे उन यात्रियों की परेशानी बढ़ती है, जो खुद कतार में लगकर टिकट लेने का प्रयास करते हैं। इसी के चलते आरपीएफ निगरानी तेज करते हुए इन दलालों पर लगाम लगाने की कोशिश कर रही है।
टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए आरपीएफ ने आरक्षण केंद्रों पर निगरानी बढ़ाई है। तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान विशेष सतर्कता बरती जा रही है। एसी श्रेणी के तत्काल टिकट सुबह 10 बजे और स्लीपर श्रेणी के टिकट सुबह 11 बजे से बुक होते हैं। इन समयों पर आरक्षण केंद्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। रिजर्वेशन हॉल में लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी के साथ सादी वर्दी में भी सुरक्षाकर्मी तैनात किए जा रहे हैं, ताकि फर्जी यात्रियों को कतार में खड़ा कर टिकट बुक कराने वालों की पहचान की जा सके।
आरपीएफ की ओर से आरक्षण केंद्रों पर कतार में लगे लोगों के पहचान पत्र और आरक्षण फार्म की औचक जांच भी की जा रही है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि टिकट वास्तविक यात्रियों के लिए बुक किए जा रहे हैं या किसी गिरोह के सदस्य दूसरों के नाम पर टिकट हासिल करने में लगे हैं। इसके अलावा अनधिकृत सॉफ्टवेयर और फर्जी उपयोगकर्ता पहचान के जरिए ऑनलाइन तत्काल टिकट बुक करने वाले एजेंटों पर भी निगरानी रखी जा रही है। इसके लिए आरपीएफ की साइबर विंग सक्रिय है।
त्योहारी सीजन में तत्काल टिकटों की कालाबाजारी के खिलाफ कुछ दिन पहले आरपीएफ ने कार्रवाई कर दो युवकों को गिरफ्तार किया था। आरोपितों से भविष्य की यात्रा के चार और पुरानी यात्रा के 18 ई-टिकट बरामद हुए थे। इनकी कुल कीमत 43,703.65 रुपये थी। साथ ही 4,300 रुपये नकद और दो मोबाइल भी मिले थे। जांच में सामने आया कि आरोपित व्यक्तिगत आईआरसीटीसी आईडी से टिकट बुक कर यात्रियों से प्रति टिकट 1,000 से 1,200 रुपये अतिरिक्त वसूलते थे।