अचलेश्वर न्यास चुनाव में एक मतदाता को लगेंगे 4 से 5 मिनट, 9 मतपत्रों पर लगानी होगी मुहर
चुनाव में कार्यकारी न्यासी, अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष सहित आठ पदों के लिए अलग-अलग मतपत्र होंगे। इसके अलावा 10 कार्यकारिणी सदस्यों के निर्वाचन के लिए ए...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 05 Oct 2026 07:01:35 PM (IST)Updated Date: Mon, 05 Oct 2026 07:10:32 PM (IST)
HighLights
- 3800 सदस्य चुनेंगे 8 पदाधिकारी और 10 कार्यकारिणी सदस्य
- कार्यकारिणी के 17 उम्मीदवारों में से 10 का करना होगा चयन
- चुनाव में बचे 6 दिन, डोर-टू-डोर संपर्क में जुटे प्रत्याशी
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। अचलेश्वर महादेव न्यास के चुनाव में एक सदस्य को मतदान करने में करीब चार से पांच मिनट का समय लग सकता है। 11 अक्टूबर को एमएलबी कालेज में होने वाले चुनाव में न्यास के करीब 3800 सदस्य आठ पदाधिकारियों और 10 कार्यकारिणी सदस्यों के चुनाव के लिए मतदान करेंगे। इसके लिए प्रत्येक सदस्य को कुल नौ मतपत्रों पर अपनी पसंद के उम्मीदवार के सामने सहमति की मुहर लगानी होगी।
चुनाव में कार्यकारी न्यासी, अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष सहित आठ पदों के लिए अलग-अलग मतपत्र होंगे। इसके अलावा 10 कार्यकारिणी सदस्यों के निर्वाचन के लिए एक अलग मतपत्र दिया जाएगा। कार्यकारिणी सदस्य के लिए 17 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। प्रत्येक मतदाता को इन 17 उम्मीदवारों में से 10 का चयन करना होगा। इस कारण मतदान प्रक्रिया में अन्य पदों की तुलना में कार्यकारिणी सदस्य के मतपत्र पर अधिक समय लगने की संभावना है।
पद के लिए अलग-अलग मतपेटियां
मतदान केंद्र पर प्रत्येक पद के लिए अलग-अलग मतपेटियां रखी जाएंगी। इससे मतदान के दौरान मतदाताओं को सही मतपेटी में मतपत्र डालने में सुविधा होगी। कार्यकारिणी सदस्य के मतपत्र पर 17 नाम होंगे, जबकि इनमें से केवल 10 उम्मीदवारों के नाम के सामने सहमति की मुहर लगानी होगी। इसलिए मतदाताओं को मतदान से पहले अपने पसंदीदा 10 उम्मीदवारों के नाम याद रखने होंगे। इसके लिए उम्मीदवारों की ओर से मतदाताओं से व्यक्तिगत संपर्क किया जा रहा है।
छह दिन शेष, डोर-टू-डोर संपर्क तेज
चुनाव में अब केवल छह दिन शेष हैं। मतदान और मतगणना की तैयारियों के साथ चुनाव प्रचार ने भी गति पकड़ ली है। निर्वाचन अधिकारी की गाइडलाइन के अनुसार उम्मीदवारों को प्रचार के लिए बड़े होर्डिंग लगाने या खर्चीले प्रचार की अनुमति नहीं है। उम्मीदवार अपनी उम्मीदवारी के संबंध में विजिट कार्ड जैसी अपील मतदाताओं को वितरित कर सकते हैं। प्रचार के सीमित साधनों के चलते उम्मीदवार अब डोर-टू-डोर संपर्क पर जोर दे रहे हैं। वे सदस्यों से व्यक्तिगत मुलाकात कर अपने पक्ष में मतदान की अपील कर रहे हैं।