ग्वालियर जयारोग्य अस्पताल में डीन को थप्पड़ मारने के विरोध में जूडा की हड़ताल, मरीजों की परेशानी देख माने जूनियर डॉक्टर
ग्वालियर जेएएच में डीन से मारपीट के विरोध में जूडा और कर्मचारियों ने हड़ताल की, जिससे ओपीडी सेवाएं बाधित हुईं। पुलिस-प्रशासन की समझाइश के बाद दोपहर मे...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 22 Oct 2026 09:19:18 AM (IST)Updated Date: Thu, 22 Oct 2026 09:19:18 AM (IST)
डीन को थप्पड़ मारने के विरोध में जूडा की हड़ताल। (नईदुनिया)HighLights
- डीन से मारपीट के विरोध में जूडा की हड़ताल।
- हड़ताल के कारण जेएएच की ओपीडी व्यवस्था चरमराई।
- जांच कक्ष बंद होने से बिना इलाज भटके मरीज।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। गजराराजा मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ को थप्पड़ मारने की घटना के विरोध में जूनियर डॉक्टरों की कलम बंद हड़ताल का असर बुधवार को जयाआरोग्य अस्पताल समूह की ओपीडी पर दिखाई दिया। सीनियर डॉक्टरों की तैनाती के बावजूद मरीजों को कई विभागों में जांच और परामर्श के लिए परेशान होना पड़ा।
कहीं जांच कक्ष बंद थे तो कहीं मरीज डॉक्टरों का इंतजार करते रहे। दोपहर करीब एक बजे सीएसपी रोबिन जैन और डीन डॉ. धाकड़ जूनियर डॉक्टरों से चर्चा करने पहुंचे। सकारात्मक बातचीत के बाद जूडा ने हड़ताल स्थगित कर दी।
मरीज दिखे परेशान
- जूनियर डॉक्टर सुबह हजार बिस्तर अस्पताल के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठे गए थे। हड़ताल को देखते हुए प्रबंधन ने सीनियर डॉक्टरों को ओपीडी में बैठकर मरीजों का इलाज करने के निर्देश दिए थे। बावजूद जूनियर डॉक्टरों की गैरमौजूदगी से कई विभागों की व्यवस्थाएं प्रभावित हुईं। बेहोशी कक्ष बंद रहने से मरीजों की जांच नहीं हो सकी।
- रेस्पिरेटरी मेडिसिन के कमरा नंबर पांच में डॉक्टर नहीं मिले और मरीज बाहर इंतजार करते रहे। गैर-संचारी रोग जांच क्लिनिक में परामर्श नहीं मिला, जबकि नेत्र रोग विभाग में भी जांच प्रभावित रही।
दूर-दराज से आए मरीजों को लौटने की चिंता
अस्पताल में उपचार कराने पहुंचे मरीजों कई कक्षों पर ताले लगे मिले। चार शहर का नाका निवासी अजय वर्मा कान की समस्या दिखाने पहुंचे थे। उनका कहना था कि वे अस्पताल आए, लेकिन किसी ने उनकी जांच नहीं की।
अधीक्षक ने किया ओपीडी का निरीक्षण
मरीजों को उपचार नहीं मिलने की शिकायत पर अस्पताल अधीक्षक डा. सुधीर सक्सेना ने ओपीडी का जायजा लिया। वे सर्जरी, नेत्र रोग और गायनिक सहित अन्य विभागों में पहुंचे। जिन विभागों में चिकित्सक मौजूद थे, वहां की व्यवस्था देखी और निर्देश दिए कि किसी भी मरीज को बिना उपचार के नहीं लौटाया जाए।
सफाईकर्मी और सुरक्षाकर्मी धरने पर
- इधर, पुराने जेएएच परिसर में सफाई कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि जब मेडिकल कालेज के डीन पर हमला हो सकता है तो वे भी सुरक्षित नहीं हैं।
- उन्होंने अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से अस्पताल की सफाई व्यवस्था भी प्रभावित होने लगी। इनकी हड़ताल से अस्पताल में सुरक्षा और सफाई व्यवस्था को लेकर संकट खड़ा हो गया।
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