ग्वालियर के कमलाराजा अस्पताल में Central AC बंद, HDU बना सामान्य वार्ड, 1 बेड पर 2-3 बच्चों का इलाज
AC बंद होने से एचडीयू में गर्मी का माहौल बना हुआ है। वहीं क्षमता से अधिक मरीज होने के कारण एक पलंग पर दो से तीन बच्चों को उपचार दिए जाने की स्थिति बन ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 27 Sep 2026 07:28:33 PM (IST)Updated Date: Sun, 27 Sep 2026 07:29:01 PM (IST)
हाई डिपेंडेंसी यूनिट में भर्ती बच्चे। नईदुनियाHighLights
- सेंट्रल एसी बंद
- एक बेड पर कई मरीज
- लाखों की सुविधा बदहाल
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। जयाआरोग्य अस्पताल समूह के कमलाराजा अस्पताल में बीमार बच्चों के लिए शुरू किया गया 30 बिस्तरीय हाई डिपेंडेंसी यूनिट अव्यवस्था का शिकार है। जिस यूनिट को दो साल पहले गंभीर रूप से बीमार बच्चों के लिए अत्याधुनिक और वातानुकूलित उपचार सुविधा के रूप में शुरू किया गया था, वहां सेंट्रल AC सिस्टम लंबे समय से बंद पड़ा है।
AC बंद होने से एचडीयू में गर्मी का माहौल बना हुआ है। वहीं क्षमता से अधिक मरीज होने के कारण एक पलंग पर दो से तीन बच्चों को उपचार दिए जाने की स्थिति बन रही है।
12 लाख रुपये आया था खर्च
गजराराजा मेडिकल कालेज के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ ने इस हाई डिपेंडेंसी यूनिट का शुभारंभ किया था। इसका उद्देश्य ग्वालियर-चंबल संभाग के साथ आसपास के जिलों से आने वाले बच्चों को अत्याधुनिक आईसीयू जैसा उपचार उपलब्ध कराना था। इसके लिए नवज्योति वेलफेयर फाउंडेशन ने करीब 12 लाख रुपये की लागत से सेंट्रल एसी सिस्टम लगवाया था। लेकिन वर्तमान में यही सुविधा बंद पड़ी है।
सामान्य वार्ड जैसी स्थिति
एचडीयू में गंभीर मरीजों के लिए निर्धारित सुविधाओं और वातावरण का महत्वपूर्ण हिस्सा नियंत्रित तापमान भी होता है। ऐसे में सेंट्रल एसी बंद होने से बच्चों और उनके स्वजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, एक ही पलंग पर दो से तीन बच्चों के उपचार की स्थिति ने संक्रमण नियंत्रण और बच्चों को पर्याप्त जगह मिलने को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
रखरखाव के अभाव में बंद हुई सुविधा
अस्पताल में स्थापित महंगी सुविधा के नियमित रखरखाव और समय पर मरम्मत नहीं होने से उसके बंद होने की स्थिति सामने आई है। सवाल यह है कि जिस सुविधा को दान के जरिए तैयार कर गंभीर बच्चों के उपचार के लिए उपलब्ध कराया गया, उसके रखरखाव की जिम्मेदारी तय होने के बावजूद समय पर मरम्मत नहीं कराई गई।
दो साल में ही व्यवस्था बदहाल
पीडियाट्रिक हाई डिपेंडेंसी यूनिट शुरू करते समय इसे बच्चों को बेहतर और आधुनिक उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण सुविधा बताया गया था। लेकिन करीब दो साल बाद ही सेंट्रल एसी बंद होने और क्षमता से अधिक मरीजों के उपचार की स्थिति ने व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।