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झूठी निकली अपहरण की कहानी, पिता-पुत्र गांव में रहना चाहते थे, मां को डराने के लिए रचा षड़यंत्र, ऐसे खुला राज

उटीला के बंधौली से मजदूर के बेटे के अपहरण का मामला फर्जी निकला है। मजदूर और उसके बेटे ने ही यह षड़यंत्र रचा था। दोनों डबरा में अपने गांव जाना चाहते थे...और पढ़ें

By amit mishraEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Mon, 13 Jul 2026 10:21:06 PM (IST)Updated Date: Mon, 13 Jul 2026 10:21:06 PM (IST)
झूठी निकली अपहरण की कहानी, पिता-पुत्र गांव में रहना चाहते थे, मां को डराने के लिए रचा षड़यंत्र, ऐसे खुला राज
झूठी निकली अपहरण की कहानी। (AI Generated)

HighLights

  1. उटीला में युवक के किडनैपिंग की खबर निकली झूठी
  2. पुलिस की कड़ाई के आगे पिता-पुत्र ने कबूला सच
  3. मां-बेटी पर दबाव बनाने के लिए गढ़ी किडनैपिंग की स्क्रिप्ट

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। उटीला के बंधौली से मजदूर के बेटे के अपहरण का मामला फर्जी निकला है। मजदूर और उसके बेटे ने ही यह षड़यंत्र रचा था। दोनों डबरा में अपने गांव जाना चाहते थे। लेकिन मजदूर की पत्नी और बेटी गांव जाने के लिए तैयार नहीं थी।

पिता-पुत्र घर से काम पर जाने की कहकर निकले और बंधौली से मजदूर ने अपने बेटे के अपहरण की कहानी गढ़ दी। उसने सबसे पहले अपनी पत्नी को ही सूचना दी थी, जिससे पत्नी को डराया जा सके। दुश्मनी के डर से वह गांव चलने के लिए राजी हो जाए। पिता-पुत्र ने पुलिस के सामने स्वीकार कर लिया है कि अपहरण हुआ ही नहीं।


पारिवारिक विवाद के कारण रचा गया पूरा षड़यंत्र

मुरार क्षेत्र में रहने वाला रामखिलौना बाथम अपने बेटे राजेंद्र के साथ मजदूरी करता है। उसकी पत्नी और बेटी भी यहीं रहती है। यह लोग डबरा के चांदपुर गांव के रहने वाले हैं। रामखिलौना की बेटी किसी युवक से बात करती है। यह उसके बेटे को पसंद नहीं था। इसके चलते राजेंद्र ने अपने पिता को बताया। पिता-पुत्र ने गांव चलकर रहने के लिए कहा, लेकिन इसके लिए मां-बेटी तैयार नहीं हुई।

ऐसे रची गई काले रंग की जीप में किडनैपिंग की झूठी कहानी

दोनों रविवार को घर से निकले और सीधे बंधौली पहुंच गए। यहां से राजेंद्र ग्वालियर के लिए निकल गया। इसके बाद उसके पिता ने अपहरण की सूचना दे दी। दो घंटे बाद ही राजेंद्र गोला का मंदिर इलाके में मिल गया। उसने बताया था कि उसे काले रंग की जीप में सवार बदमाश अगवा कर ले गए थे। रास्तेभर पीटा और कहा कि उसके पिता से दुश्मनी है। फिर छोड़कर भाग गए।

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पुलिस की सख्ती के बाद पिता-पुत्र ने कबूला सच

पुलिस को कहानी संदिग्ध लगी। जब इनसे लगातार बात की तो दोनों ने सच बता दिया। दोनों ने कहा कि उनकी किसी से दुश्मनी नहीं है न ही अपहरण हुआ। मां-बेटी को डराने के लिए यह षड़यंत्र रचा था, जिससे दोनों घबरा जाएं और गांव वापस चलने के लिए राजी हो जाएं।