LNIPE में 15 दिन बाद आंदोलन खत्म: प्रभारी रजिस्ट्रार का इस्तीफा स्वीकार, हॉस्टल मैनेजर हटाए गए
स्वतंत्र जांच समिति के गठन समेत अन्य मांगों पर लिखित दस्तावेज मिलने के बाद रात करीब 12:15 बजे छात्रों ने धरना और भूख हड़ताल खत्म कर दी।
Publish Date: Thu, 24 Sep 2026 04:08:08 PM (IST)Updated Date: Thu, 24 Sep 2026 04:08:43 PM (IST)
फाइल फोटो।HighLights
- श्रुति उपाध्याय की मौत के बाद भड़का था आंदोलन
- खेल मंत्रालय की टीम के हस्तक्षेप के बाद बनी सहमति
- मुआवजे और लिखित आश्वासन के बाद खत्म हुई भूख हड़ताल
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षण संस्थान (एलएनआइपीई) में 15 दिन से चल रहा छात्रों का आंदोलन बुधवार देर रात खत्म हो गया। गुवाहाटी कैंपस की बीपीएड थर्ड ईयर की छात्रा श्रुति उपाध्याय की मौत के बाद 9 सितंबर से शुरू हुए प्रदर्शन में ग्वालियर और गुवाहाटी कैंपस के दो हजार से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
बुधवार रात प्रभारी रजिस्ट्रार प्रो. यतेंद्र सिंह का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया और हॉस्टल मैनेजर को हटा दिया गया। स्वतंत्र जांच समिति के गठन समेत अन्य मांगों पर लिखित दस्तावेज मिलने के बाद रात करीब 12:15 बजे छात्रों ने धरना और भूख हड़ताल खत्म कर दी।
50 लाख मुआवजे की मांग, मंत्रालय को पत्र
श्रुति की मौत के बाद छात्रों ने परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा, स्वतंत्र जांच, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और आंदोलन में शामिल छात्रों पर कार्रवाई नहीं करने समेत छह मांगें रखी थीं। 10 सितंबर को रजिस्ट्रार के इस्तीफे की मांग भी इसमें जुड़ गई। 12 सितंबर को पांच छात्रों का दल दिल्ली जाकर खेल मंत्रालय से मिला, लेकिन लिखित कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन जारी रहा। 14वें दिन छात्रों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी।
कुलपति समेत स्टाफ को कार्यालय में रोका
आंदोलन के 14वें दिन छात्रों ने संस्थान के कार्यालय बंद करा दिए। कुलपति प्रो. कल्पना शर्मा समेत अधिकारी-कर्मचारी अंदर रह गए। छात्रों ने मुख्य द्वार को तौलिया से बांधकर वहीं धरना दिया। करीब तीन से चार घंटे बाद पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में अधिकारियों को बाहर निकाला गया।
मंत्रालय की टीम पहुंची, रात में बनी सहमति
15वें दिन खेल मंत्रालय की तीन सदस्यीय टीम एलएनआइपीई पहुंची। साई के सेक्रेटरी श्रीराम सिंह, डायरेक्टर डेपुटेशन ममताश्री ओझा और खेलो इंडिया के ज्वाइंट सेक्रेटरी विनील कृष्णा रवैला ने छात्रों से बातचीत की। एडीएम अतुल सिंह भी मौजूद रहे। इसके बाद बुधवार रात प्रबंधन ने मांगों पर कार्रवाई की। रजिस्ट्रार प्रो. यतेंद्र सिंह का इस्तीफा स्वीकार किया गया और हॉस्टल मैनेजर को हटा दिया गया।
श्रुति की मौत की जांच के लिए समिति गठित करने की जानकारी दी गई, जिसमें प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी शामिल हैं। मुआवजे के संबंध में कुलगुरु ने बताया कि संस्थान पांच लाख और असम सरकार चार लाख रुपये दे रही है। उन्होंने अपनी पांच दिन की सैलरी का हिस्सा भी देने की बात कही। 50 लाख रुपये की मांग पर मंत्रालय को पत्र भेजा गया है।
स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और आंदोलन में शामिल छात्रों पर कार्रवाई नहीं करने का लिखित आश्वासन भी दिया गया। दस्तावेज मिलने के बाद छात्रों ने आंदोलन खत्म किया। रात करीब 12:15 बजे कुलपति ने भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।